बीकानेर दौरे पर डीजीपी राजीव कुमार शर्मा: पुलिस लाइन का निरीक्षण, जवानों से संवाद और हाईटेक पुलिसिंग पर जोर
बैरक उद्घाटन से लेकर स्वास्थ्य शिविर और लाइब्रेरी शुभारंभ तक, पुलिसकर्मियों के कल्याण, प्रशिक्षण और पदोन्नति पर दिए अहम निर्देश
पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने पर फोकस
DGP Bikaner Visit: बीकानेर दौरे पर पहुंचे राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस लाइन का सघन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जवानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
पुलिस लाइन का निरीक्षण और व्यवस्थाओं की समीक्षा
दौरे की शुरुआत में डीजीपी ने पुलिस लाइन के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने शस्त्रागार, रिकॉर्ड कक्ष, मोटर शाखा और अन्य इकाइयों का दौरा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
मेस का निरीक्षण करते हुए उन्होंने पुलिसकर्मियों को बेहतर और पोषक आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही वाहनों की उपलब्धता और संसाधनों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया।
हाईटेक पुलिसिंग और प्रशिक्षण पर जोर
सीसीटीएनएस ट्रेनिंग सेंटर का निरीक्षण करते हुए डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीक से लैस करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट और हाईटेक पुलिसिंग के लिए नियमित प्रशिक्षण बेहद जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी अपराधों से निपटने के लिए साइबर ट्रेनिंग को प्राथमिकता दी जाए और जांच अधिकारियों की दक्षता बढ़ाई जाए।
संवेदनशील पहल: कांस्टेबल्स से कराया बैरक का उद्घाटन
इस दौरे की खास बात यह रही कि डीजीपी ने 36.52 लाख रुपये की लागत से बने नए बैरक का उद्घाटन खुद न करके दो कांस्टेबल्स—दौलत और प्रेमसिंह—से फीता कटवाकर कराया। इस कदम को संवेदनशीलता और टीम भावना का प्रतीक माना जा रहा है।
उन्होंने बैरक की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक आवास सुविधाएं पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
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स्वास्थ्य शिविर और कल्याण योजनाओं पर जोर
पुलिस लाइन में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन करते हुए डीजीपी ने पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने अधिक से अधिक कर्मियों के हेल्थ कार्ड बनाने के निर्देश दिए और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की।
संपर्क सभा में सुनी समस्याएं
निरीक्षण के बाद आयोजित संपर्क सभा में डीजीपी ने जवानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाएगा
- सभी कैडर को समान अवसर मिलेंगे
- करियर विकास में पारदर्शिता लाई जाएगी
सीमावर्ती चुनौतियों और अपराध पर चिंता
डीजीपी ने पंजाब-हरियाणा सीमा और अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और साइबर अपराध को गंभीर समस्या बताते हुए इन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
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संसाधनों और जिम्मेदारी पर जोर
डीजीपी ने कहा कि जांच कार्य के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले पुलिसकर्मियों को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्याओं का समाधान केवल उच्च स्तर पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी किया जाए।
तक्षशिला लाइब्रेरी का उद्घाटन, बच्चों को मिला प्रोत्साहन
करणी नगर में पुलिस आवासीय कॉलोनी में तक्षशिला लाइब्रेरी का उद्घाटन भी डीजीपी ने बच्चों से फीता कटवाकर किया।
उन्होंने इसे पुलिस परिवारों के बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया और प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
जनसेवा और आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में कदम
डीजीपी का यह दौरा पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने, जवानों का मनोबल बढ़ाने और आधुनिक तकनीक को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इससे न केवल पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि आमजन को भी बेहतर सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
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