राजस्थान में पुलिस का सबसे बड़ा चेकिंग अभियान, अपराधियों की बढ़ी मुश्किलें
राजस्थान पुलिस ने प्रदेशभर में दो दिवसीय सघन नाकाबंदी अभियान चलाकर अपराधियों, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों और संदिग्ध गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई की। 810 नाकाबंदी पॉइंट्स पर 47 हजार से ज्यादा वाहनों की जांच हुई, जबकि अवैध हथियार, शराब और नशे के मामलों में कई गिरफ्तारियां की गईं। इस अभियान ने प्रदेशभर में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।
Rajasthan Police Checking Drive: राजस्थान में अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस ने ऐसा मेगा ऑपरेशन चलाया जिसने अपराधियों, तस्करों और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की नींद उड़ा दी। प्रदेशभर में दो दिन तक चले सघन नाकाबंदी अभियान के दौरान पुलिस ने 810 से अधिक चेकिंग पॉइंट्स बनाकर 47 हजार से ज्यादा वाहनों की जांच की। इस दौरान 274 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि हजारों वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई हुई।
राज्य के महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान को राजस्थान पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई माना जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल ट्रैफिक नियमों की पालना करवाना नहीं था, बल्कि अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर भी शिकंजा कसना था।
अलग-अलग रेंज में एक साथ हुई कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर भरतपुर, उदयपुर और कोटा रेंज में शाम के समय सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, जबकि जयपुर, जोधपुर और बीकानेर रेंज में सुबह तड़के नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की गई। प्रमुख हाईवे, शहरों के एंट्री पॉइंट और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की विशेष निगरानी रही।
इस दौरान 24,573 दोपहिया और 22,531 चौपहिया वाहनों की जांच की गई। पुलिस टीमों ने संदिग्ध वाहनों, बिना नंबर प्लेट, फर्जी दस्तावेज और अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर खास फोकस रखा।

11 हजार से ज्यादा ट्रैफिक चालान, शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर सख्ती
नाकाबंदी अभियान में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई हुई। पुलिस ने कुल 11,504 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान काटे।
इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई शराब पीकर वाहन चलाने वालों, बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों और सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों पर की गई। मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने वाले चालकों को भी नहीं छोड़ा गया। काली फिल्म लगे वाहनों और संदिग्ध नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए।
उदयपुर और अजमेर रेंज बनी कार्रवाई का केंद्र
इस विशेष अभियान में उदयपुर रेंज सबसे आगे रही, जहां सबसे ज्यादा 2647 कार्रवाई दर्ज की गई। इसके बाद अजमेर रेंज में 2576 मामलों में कार्रवाई हुई। जयपुर, कोटा और भरतपुर रेंज में भी हजारों चालान और संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई दर्ज की गई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इन क्षेत्रों में लगातार बढ़ती ट्रैफिक लापरवाही और अपराध गतिविधियों को देखते हुए विशेष निगरानी रखी गई थी।
अवैध हथियार, शराब और संदिग्ध वाहन जब्त
मेगा अभियान के दौरान पुलिस ने केवल ट्रैफिक कार्रवाई तक खुद को सीमित नहीं रखा। कई जिलों में अवैध हथियार, शराब और नशे से जुड़े मामलों का खुलासा भी हुआ।
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कोटा रेंज में पुलिस ने धारदार हथियार, देशी शराब और कच्ची शराब जब्त की। वहीं कई संदिग्ध वाहनों को सीज किया गया। भरतपुर रेंज में भी अवैध शराब बरामद होने के साथ दर्जनों वाहनों को जब्त किया गया।
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आगे भी जारी रहेगा अभियान
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस कानून एवं व्यवस्था वी के सिंह ने कहा कि अपराध नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह के संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। पुलिस का मानना है कि अचानक होने वाली ऐसी नाकाबंदी अपराधियों की गतिविधियों को रोकने में काफी प्रभावी साबित हो रही है।
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