मध्यप्रदेश

1–2 रुपये किलो प्याज! किसान रो पड़े… बोले- कर्ज में डूब गए, बच्चों की फीस भरना भी मुश्किल

Onion Price: खंडवा मंडी में 1–2 रुपये किलो प्याज, किसान परेशान—कर्ज बढ़ा, खेती छोड़ने की बढ़ रही मजबूरी

Onion Price: खंडवा मंडी में इन दिनों प्याज की बंपर आवक हो रही है. मंडी के हर कोने में सिर्फ प्याज के ढेर नजर आ रहे हैं, लेकिन किसानों के लिए यह आवक किसी मुसीबत से कम नहीं. कीमतें इतनी गिर चुकी हैं कि अन्नदाता की आंखों से आंसू निकल आए हैं.

कमजोर और गिरी किस्म की प्याज 1 से 2 रुपये किलो तक बिक रही है। वहीं अच्छी क्वालिटी की प्याज भी सिर्फ 10 से 15 रुपये प्रति किलो में ही बिक रही है। किसान कह रहे हैं कि इस भाव पर तो लागत भी नहीं निकल पा रही, ऊपर से कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है।

खंडवा मंडी में 1–2 रुपये किलो प्याज,

किसान बोले: फीस तक नहीं भर पा रहे, खेती अब घाटे का सौदा

किसानों ने बताया कि पहले सोयाबीन खराब, फिर मक्का के दाम कम, और अब प्याज ने भी उम्मीद तोड़ दी है.
स्थिति इतनी खराब है कि किसान अपने बच्चों की स्कूल फीस तक भरने में असमर्थ हो रहे हैं।

एक किसान ने कहा:

“अगर यही हाल रहा तो अगली पीढ़ी को खेती से दूर करना हमारी मजबूरी बन जाएगी।”

मंडी व्यापारियों का दावा—15 से 25 हजार कट्टे रोज पहुंच रहे हैं

प्याज व्यापारियों ने बताया कि मंडी में हर दिन 15,000 से 25,000 कट्टे प्याज की आवक हो रही है।

  • गिरा प्याज: 1–2 रुपये किलो
  • अच्छी प्याज: 15–20 रुपये किलो

खंडवा का प्याज सिर्फ मध्य प्रदेश में ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, यूपी, बिहार, पूर्वांचल, बंगाल और विदेशों तक भी भेजा जाता है।

खंडवा मंडी में 1–2 रुपये किलो प्याज,

‘एक जिला एक उत्पाद’ में शामिल होने के बाद भी किसान बेहाल

आपको बता दें कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना में खंडवा को प्याज उत्पादन के लिए चुना गया है।
इसके बावजूद किसानों की यह हालत सवाल खड़े करती है।

यह कोई पहली बार नहीं है जब किसान अपनी उपज के खराब दाम को लेकर सड़कों पर उतरे हों। कई बार बड़े आंदोलन भी हुए, सरकारें बदलीं, लेकिन किसानों की हालत में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ।

खंडवा मंडी में प्याज के दामों का गिरना सिर्फ मार्केट की समस्या नहीं, बल्कि किसानों की लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति का संकेत है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो किसानों का खेती से भरोसा उठना तय माना जा रहा है।

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