छिंदवाड़ा में 14 बच्चों की मौत! जहरीले कफ सिरप पर सियासत गरमाई — कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की

Children die from cough syrup: कफ सिरप से बच्चों की मौत: मध्यप्रदेश में मचा बवाल

Children die from cough syrup: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप से 14 बच्चों की मौत के बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण को लेकर सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि वे स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल को तत्काल बर्खास्त करें।

“जहरीला कफ सिरप बना मौत का कारण”

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिन बच्चों की मौत हुई, उनके शरीर में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप से संबंधित जहरीले तत्व पाए गए हैं।
छिंदवाड़ा जिले में 14 मौतों में से 11 परासिया उपमंडल, 2 छिंदवाड़ा शहर, और 1 चौरई तहसील से संबंधित है।
इसी तरह बैतूल जिले में भी 2 बच्चों की मौत इसी सिरप से जुड़ी बताई जा रही है।

राज्य सरकार ने अब ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है, जबकि निर्माता कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

कांग्रेस का हमला — “मंत्री को बचाया जा रहा है”

परासिया पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा —

“सिर्फ एक डॉक्टर को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री, औषधि नियंत्रक और सचिव को भी बर्खास्त किया जाना चाहिए।”

पटवारी ने आरोप लगाया कि जहरीले कफ सिरप से 16 मौतें हुई हैं, जबकि सरकार 14 मौतों का ही आंकड़ा बता रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अगर सचमुच पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति रखते हैं, तो उन्हें सबसे पहले स्वास्थ्य मंत्री को पद से हटाना चाहिए।

दिग्विजय सिंह बोले — ‘यह बहुत बड़ा घोटाला है’

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस मामले को “बहुत बड़ा घोटाला” बताया।
उन्होंने सवाल उठाया कि बिना जांच के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने दवा कंपनी को कैसे क्लीन चिट दे दी?

“तीन तारीख को ही शुक्ला ने क्लीन चिट दे दी थी। बिना जांच किए यह फैसला क्यों लिया गया? यह बच्चों की मौतों से जुड़ा मामला है, इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।”

दिग्विजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार कफ सिरप निर्माता कंपनी को संरक्षण दे रही है।

सरकार की सफाई — “रिपोर्ट में नहीं मिला जहरीला तत्व”

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने 3 अक्टूबर को कहा था कि लगभग 12 प्रकार की दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
उन्होंने बताया कि तीन दवाओं की रिपोर्ट में कोई ऐसा तत्व नहीं मिला जिससे मौत हुई हो।
हालांकि अब अधिकारियों ने कहा है कि कुछ नमूनों में जहरीला पदार्थ पाया गया है, जिसके बाद सरकार ने एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित कर दी है।

पीड़ित परिवारों से मिले नेता, जताई संवेदना

छिंदवाड़ा के परासिया कस्बे में मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह पीड़ित परिवारों के साथ है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने तक चुप नहीं बैठेगी।

Related Posts

  • 76 views
BJP Gurugram Event: गुरुग्राम में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर बीजेपी का बड़ा संदेश, राष्ट्रवाद से आत्मनिर्भर भारत तक नेताओं ने गिनाईं उपलब्धियां

Shyama Prasad Mukherjee Jayanti: गुरुग्राम स्थित बीजेपी कार्यालय गुरुकमल में रविवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई…

  • 61 views
Delhi EV Policy 2026: दिल्ली की सड़कों पर बदलेगा ट्रांसपोर्ट का भविष्य! 2028 के बाद नई पेट्रोल बाइक नहीं होगी रजिस्टर, जानिए नई EV पॉलिसी की बड़ी बातें

Delhi EV Policy 2026: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को मंजूरी दे दी है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *