भारत सरकार की पहल: जयपुर में शुरू हुई गणित शब्दावली पर ऐतिहासिक बैठक — देशभर के विशेषज्ञ कर रहे गहन मनन!

Mathematics Terminology English-Hindi-Sanskrit Meeting Jaipur: जयपुर में गणित शब्दावली (अंग्रेजी-हिंदी-संस्कृत) निर्माण पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय बैठक शुरू

Mathematics Terminology English-Hindi-Sanskrit Meeting Jaipur: भारत सरकार के वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग, (उच्चतर शिक्षा विभाग), शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा रीजनल कॉलेज फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, सीतापुरा, जयपुर में गणित की मूलभूत शब्दावली (अंग्रेजी-हिंदी-संस्कृत) के निर्माण हेतु राष्ट्रीय विशेषज्ञ सलाहकार समिति की पांच दिवसीय बैठक का शुभारंभ किया गया। यह बैठक 4 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2025 तक आयोजित की जा रही है।

शब्दावली आयोग का मिशन – भारतीय भाषाओं में वैज्ञानिक शब्दों का विकास

वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग के सहायक निदेशक एवं योजना प्रभारी अधिकारी विजय राज सिंह शेखावत ने बताया कि आयोग 1961 से अब तक हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में विभिन्न विषयों की शब्दावली, परिभाषा शब्दकोश और विश्वकोश तैयार करने पर निरंतर कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के आदेश (1960 एवं 1988) के तहत आयोग को वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दों को विकसित करने और प्रचारित करने का अधिकार प्राप्त है।

शेखावत ने बताया —

“आयोग देश का एकमात्र संगठन है जो वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली के विकास और मानकीकरण के लिए समर्पित है।”

गणित शब्दावली बैठक के संयोजक प्रोफेसर अशोक सिंह शेखावत

बैठक के संयोजक एवं रीजनल कॉलेज के डायरेक्टर प्रो. अशोक सिंह शेखावत ने बताया कि यह राष्ट्रीय स्तर की बैठक गणित विषय की शब्दावली को संस्कृत शब्दों में रूपांतरित करने का ऐतिहासिक प्रयास है।

उन्होंने कहा —

“यह पहल गणितीय ज्ञान को भारतीय भाषाओं की जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनेगी, जिससे शिक्षा को स्थानीय और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध किया जा सकेगा।”

बैठक में देशभर के केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों के प्रख्यात गणित एवं संस्कृत विशेषज्ञ गहन चिंतन, मनन और विश्लेषण के माध्यम से गणितीय शब्दों का निर्माण कर रहे हैं।

बैठक में शामिल प्रमुख विशेषज्ञ

इस बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —

  • विजय राज सिंह शेखावत (सहायक निदेशक, वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग, नई दिल्ली)
  • प्रो. विजेंद्र शर्मा (केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर)
  • प्रो. स्वामी श्रीवास्तव (इंस्टीट्यूट फॉर एक्सीलेंस इन हायर एजुकेशन, भोपाल)
  • प्रो. अशोक सिंह शेखावत (रीजनल कॉलेज, जयपुर)
  • डॉ. विनोद कुमार शर्मा, डॉ. विपाशा जैन, प्रो. संजय जैन, डॉ. देवेंद्र कुमार, वेद प्रकाश पाठक सहित अनेक गणित एवं संस्कृत विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

स्वागत और शुभकामनाएं

रीजनल कॉलेज की ओर से प्रिंसिपल प्रो. प्रमोद शर्मा, उप प्राचार्य प्रो. केदार नारायण बैरवा, इंजीनियर अनिल बोयल, डॉ. सुमित शर्मा, डॉ. धर्मेंद्र सक्सेना एवं माधुरी नानकानी ने सभी अतिथियों और विशेषज्ञों का स्वागत किया।

दीपशिखा ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन डॉ. प्रेम सुराना और वाइस चेयरमैन डॉ. अंशु सुराना ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए सभी विशेषज्ञों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा —

“गणित की इस राष्ट्रीय शब्दावली से शिक्षा जगत को नई दिशा मिलेगी और भारतीय भाषाओं की वैज्ञानिक प्रासंगिकता और मजबूत होगी।”

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