Rajasthan Delhi Model: राजस्थान में लागू होगा ‘दिल्ली मॉडल’? मरीजों के ठहरने और फ्री भोजन केंद्रों के प्रस्ताव को CM भजनलाल शर्मा की हरी झंडी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में दिल्ली मॉडल पर मरीजों के ठहरने, चिकित्सा सहायता और निःशुल्क भोजन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव का स्वागत किया। जयपुर सम्मेलन में विस्तृत योजना रखी गई।
Rajasthan Delhi Model Healthcare: राजस्थान में दिल्ली की तर्ज पर मरीजों के लिए नई सुविधा की तैयारी
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में दिल्ली की तर्ज पर जरूरतमंद मरीजों के लिए ठहरने, चिकित्सा सहायता और निःशुल्क भोजन केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव का स्वागत किया है। यह प्रस्ताव राजस्थान फाउंडेशन के दिल्ली चैप्टर द्वारा जयपुर में आयोजित प्रवासी राजस्थानी दिवस सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत किया गया।
SMS मेडिकल कॉलेज सहित बड़े अस्पतालों में सुविधा का प्रस्ताव
राजस्थान फाउंडेशन दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राम अवतार किला ने मुख्यमंत्री को बताया कि जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में, दिल्ली के AIIMS, सफदरजंग और राम मनोहर लोहिया अस्पताल की तर्ज पर अक्षय सेवा कार्यक्रम जैसे मॉडल को लागू किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा जयपुर के साथ-साथ भरतपुर, अलवर, कोटपुतली, नीमराना, बहरोड़ और अजमेर जैसे क्षेत्रों में भी विकसित की जा सकती है।
एक करोड़ से अधिक लोगों को मिला है लाभ
मुख्यमंत्री शर्मा ने दिल्ली में संचालित अक्षय सेवा कार्यक्रम के तहत अब तक करीब एक करोड़ लोगों को निःशुल्क भोजन और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी टीम की सराहना की और इसे समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
राजस्थान में रोगी सेवा केंद्र विकसित करने का सुझाव
डॉ. किला ने जानकारी दी कि ऋषिकेश में भावराव देवरस सेवा न्यास द्वारा 50 करोड़ रुपये की लागत से रोगी सेवा केंद्र का निर्माण किया गया है। इसी तर्ज पर यदि राजस्थान सरकार भूमि और सहयोग उपलब्ध कराए, तो प्रदेश के विभिन्न जिलों में रोगी सेवा केंद्र विकसित किए जा सकते हैं, जहां मरीजों और उनके अटेंडेंट्स के लिए ठहरने, भोजन और चिकित्सा सहायता की सुविधा मिलेगी।
औद्योगिक पार्क और कन्वेंशन सेंटर का भी प्रस्ताव
इस अवसर पर बीकानेर वाला समूह के निदेशक नवरतन अग्रवाल ने मेडिकेशन, योगा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए 100 एकड़ के नए औद्योगिक पार्क विकसित करने में सहयोग मांगा।
वहीं, राजस्थान रत्नाकर संस्था की ओर से राजस्थान मंडपम कन्वेंशन सेंटर बनाए जाने और दिल्ली में मिनी सचिवालय स्थापित करने का अनुरोध भी किया गया।
313 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने लिया भाग
दिल्ली चैप्टर के सौजन्य से 313 सदस्यीय सबसे बड़े प्रतिनिधिमंडल ने प्रवासी राजस्थानी दिवस सम्मेलन में भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रियों, राजस्थान सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की।
15 मार्च को राजस्थान दिवस समारोह का आमंत्रण
डॉ. किला ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को 15 मार्च को दिल्ली में आयोजित राजस्थान दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।




