देश

Pariksha Pe Charcha 2026 LIVE: पीएम मोदी का छात्रों को मंत्र— खुद पर भरोसा रखो, स्किल और संतुलन ही असली ताकत

Pariksha Pe Charcha 2026 LIVE: पीएम मोदी का छात्रों को मंत्र— खुद पर भरोसा और संतुलन जरूरी

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा के डर से लेकर AI के सही इस्तेमाल तक, 9वें PPC में प्रधानमंत्री ने दिए जीवन और करियर के गुर

नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज परीक्षा पे चर्चा 2026 के 9वें संस्करण के जरिए देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य परीक्षा से जुड़े तनाव को कम करना और छात्रों को बेहतर रणनीति के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। Pariksha Pe Charcha 2026 LIVE के जरिए देश के कोने-कोने से छात्र पीएम मोदी से सवाल पूछ रहे हैं और उनके अनुभवों से मार्गदर्शन ले रहे हैं।

इस साल परीक्षा पे चर्चा के लिए चार करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो इस कार्यक्रम की लोकप्रियता और छात्रों के बीच इसकी प्रासंगिकता को दर्शाता है। यह PPC का नौवां सीजन है और हर साल की तरह इस बार भी पीएम मोदी ने बेहद सरल, व्यावहारिक और प्रेरक अंदाज में छात्रों से संवाद किया।

“खुद पर भरोसा सबसे जरूरी” – पीएम मोदी

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा,
“आपके माता-पिता, शिक्षक या सहपाठी कुछ भी कहें, लेकिन सबसे जरूरी है कि आपको खुद पर भरोसा होना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा को लेकर जो भी सुझाव मिलें, उन्हें ध्यान से सुनें, लेकिन अंतिम फैसला अपने अनुभव और समझ के आधार पर लें।

पीएम ने छात्रों को यह समझाया कि आत्मविश्वास ही वह ताकत है, जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती है।

स्किल ज्यादा जरूरी या मार्क्स? पीएम का संतुलन मंत्र

छात्रों द्वारा पूछे गए सवाल— स्किल ज्यादा जरूरी है या मार्क्स?— पर पीएम मोदी ने कहा कि जीवन में हर चीज में संतुलन जरूरी है।
उन्होंने बताया कि स्किल दो प्रकार की होती है:

  • लाइफ स्किल
  • प्रोफेशनल स्किल

पीएम ने कहा कि स्किल की शुरुआत ज्ञान से होती है, लेकिन केवल किताबों का ज्ञान काफी नहीं है। जीवन को समझने, निर्णय लेने और परिस्थितियों से निपटने के लिए लाइफ स्किल पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है।

AI का कैसे करें सही इस्तेमाल?

पीपीसी 2026 में छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भी सवाल पूछे।
इस पर पीएम मोदी ने कहा कि AI से डरने की नहीं, बल्कि उसे समझदारी से इस्तेमाल करने की जरूरत है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा,
“आप AI से पूछ सकते हैं कि मेरी उम्र इतनी है, मेरी रुचि इस विषय में है, तो मेरी रुचि के अनुसार मुझे दस अच्छी बायोग्राफी सुझाइए।”
पीएम ने कहा कि टेक्नोलॉजी को सीखने और आगे बढ़ने के साधन के रूप में उपयोग करें, न कि समय बर्बाद करने के लिए।

इंटरनेट सस्ता है, समय की कीमत समझो

प्रधानमंत्री मोदी ने इंटरनेट के उपयोग को लेकर भी छात्रों को चेताया।
उन्होंने कहा,
“आज इंटरनेट सस्ता जरूर है, लेकिन अपना कीमती समय इंटरनेट पर बेकार की चीजों में न गंवाएं।”
पीएम ने छात्रों को सलाह दी कि डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल सीखने, रिसर्च और खुद को बेहतर बनाने के लिए करें।

हर छात्र का पैटर्न अलग होता है

पढ़ाई के समय और तरीके को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि हर छात्र का पैटर्न अलग होता है।
कुछ छात्रों को सुबह पढ़ना अच्छा लगता है, तो कुछ को रात में।
उन्होंने कहा,
“आपको अपने पढ़ाई के पैटर्न को पहचानना होगा और उसी पर भरोसा रखना होगा। किसी और की नकल करने की जरूरत नहीं है।”

“मैं बीते हुए को नहीं, बचे हुए को गिनता हूं”

कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने एक प्रेरक किस्सा साझा किया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में उनके जन्मदिन पर एक नेता ने कहा कि आप 75 साल के हो गए हैं।
इस पर पीएम ने जवाब दिया,
“25 साल अभी बाकी हैं। मैं बीते हुए को नहीं, बल्कि बचे हुए को गिनता हूं।”
इस बात से उन्होंने छात्रों को यह संदेश दिया कि उम्र, असफलता या डर कभी भी आगे बढ़ने से रोकना नहीं चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button