चीन ने पाकिस्तान से खरीदे 2 लाख गधे! आखिर क्या करता है इनका? रहस्य खुला

China Donkey Import from Pakistan: पाकिस्तान से 2 लाख गधे खरीद रहा चीन, जानिए आखिर क्या करता है इनका इस्तेमाल

China Donkey Import from Pakistan: पाकिस्तान और चीन के बीच एक अनोखा व्यापार चर्चा में है। चीन ने पाकिस्तान से करीब 2 लाख गधे खरीदे हैं, और अब यह सवाल सबके मन में है कि आखिर चीन इन गधों का क्या करता है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के लाहौर और कराची पोर्ट के पास गधों के लिए बूचड़खाने (Slaughterhouses) बनाने की तैयारी चल रही है। पाकिस्तान के नेशनल फूड सिक्योरिटी एंड रिसर्च मिनिस्ट्री के अधिकारी डॉ. इकरम ने इस समझौते की पुष्टि की थी।

गधों से बनने वाली ‘एजियाओ’ दवा की भारी मांग

चीन इन गधों का इस्तेमाल मुख्य रूप से उनकी खाल से निकलने वाले जिलेटिन के लिए करता है।
इसी जिलेटिन से एक खास दवा ‘एजियाओ (Ejiao)’ बनाई जाती है, जिसे Colla Corii Asini या Donkey-Hide Glue भी कहा जाता है।

इस दवा के बारे में दावा किया जाता है कि यह —

  • ब्लड सर्कुलेशन सुधारती है
  • ब्लीडिंग रोकने में मदद करती है
  • नींद बेहतर बनाती है
  • त्वचा की गुणवत्ता सुधारती है
  • और कई तरह की बीमारियों में उपयोगी मानी जाती है।

चीन में गधों की घटती आबादी, बढ़ी आयात पर निर्भरता

रिपोर्ट के अनुसार, Ejiao इंडस्ट्री को हर साल करीब 60 लाख गधों की खाल की जरूरत होती है।
लेकिन चीन में गधों की आबादी लगातार घट रही है। यही वजह है कि अब चीन पाकिस्तान, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे देशों से गधे आयात कर रहा है।

पाकिस्तान में इस समय 52 लाख गधे हैं, जिससे वह दुनिया में तीसरे नंबर पर आता है। इसी वजह से चीन ने पाकिस्तान के साथ बड़े पैमाने पर गधों के निर्यात समझौते किए हैं।

दवा के साथ-साथ भोजन में भी होता है उपयोग

गधों का इस्तेमाल चीन में सिर्फ दवा उद्योग तक सीमित नहीं है।
हेबेई प्रांत में गधे के मांस से बने डिशेज और बर्गर (‘lǘròu huǒshāo’) बेहद लोकप्रिय हैं।
यह स्ट्रीट फूड के तौर पर बाओडिंग और हेजियान शहरों में खूब बिकता है।

पाकिस्तान की आर्थिक मजबूरी और चीन की ‘रणनीतिक साझेदारी’

चीन इस समय पाकिस्तान का सबसे बड़ा ऋणदाता देश है।
2022 के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान पर चीन का 26.6 अरब डॉलर का कर्ज है।
आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए गधों का निर्यात एक नया व्यापारिक विकल्प बन गया है।

चीन में गधों की घटती जन्मदर बनी चिंता

विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन में पिछले दो दशकों में गधों की आबादी में 70% की गिरावट आई है।
इस कारण दवा उद्योग और भोजन उद्योग दोनों की मांग पूरी करने के लिए चीन को आयात बढ़ाना पड़ रहा है।

गधे बने चीन-पाक व्यापार की नई कड़ी**

जहां एक तरफ पाकिस्तान आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं चीन गधों के जरिए अपनी हर्बल मेडिसिन इंडस्ट्री और मीट मार्केट को मजबूत कर रहा है।
यह सौदा दोनों देशों के लिए लाभदायक बताया जा रहा है, लेकिन पशु अधिकार संगठनों ने इस व्यापार पर चिंता भी जताई है।

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