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LPG Crisis: ऊर्जा संकट के बीच राहत की खबर, गैस से भरा ‘शिवालिक’ जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचने वाला

LPG Crisis India: होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर, LPG से भरा जहाज ‘शिवालिक’ मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा।

LPG Crisis India: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। इसका असर भारत पर भी पड़ा है, जहां एलपीजी की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी। लेकिन इसी बीच देशवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।

एलपीजी गैस से भरा भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ जल्द ही गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचने वाला है। माना जा रहा है कि इसके पहुंचने से देश में गैस की आपूर्ति को लेकर कुछ राहत मिल सकती है।

दोपहर तक मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा ‘शिवालिक’

ताजा जानकारी के अनुसार ‘शिवालिक’ नाम का जहाज भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश कर चुका है और इसे देश के पश्चिमी तट के पास ट्रैक किया गया है। यह जहाज 16 जनवरी को दोपहर करीब 3 बजे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच सकता है।

यह जहाज 14 मार्च को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुका था। वर्तमान में यह भारत के करीब पहुंच चुका है और बंदरगाह पर इसके पहुंचने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

जहाज में 40 से 50 हजार मीट्रिक टन LPG

मिली जानकारी के मुताबिक ‘शिवालिक’ जहाज करीब 40,000 से 50,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत आ रहा है। इसकी कुल क्षमता लगभग 54,000 मीट्रिक टन बताई जाती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में रोजाना 55,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी की खपत होती है। ऐसे में इस जहाज के पहुंचने से घरेलू और व्यावसायिक गैस की आपूर्ति को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

‘नंदा देवी’ जहाज भी जल्द पहुंचेगा भारत

‘शिवालिक’ के अलावा एक और भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुका है। यह जहाज करीब 46,000 मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है।

जानकारी के अनुसार ‘नंदा देवी’ जहाज 17 मार्च तक गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंच सकता है। इससे देश में गैस की उपलब्धता और बेहतर हो सकती है।

LPG Crisis India
ऊर्जा संकट के बीच बड़ी राहत

कच्चा तेल लेकर आ रहा ‘जग लाडकी’ टैंकर

इसी बीच एक और भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ भी संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह से भारत के लिए रवाना हो चुका है। इस जहाज में करीब 80,800 टन कच्चा तेल लदा हुआ है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इन जहाजों के पहुंचने से भारत में ईंधन और गैस की सप्लाई को लेकर बनी चिंता कुछ कम हो सकती है।

होर्मुज संकट से प्रभावित हुई गैस आपूर्ति

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है।

भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है। इसमें से लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आता है। ऐसे में इस मार्ग के प्रभावित होने से भारत में गैस सप्लाई पर असर पड़ा है।

कई शहरों में गैस के लिए लंबी कतारें

एलपीजी संकट के चलते देश के कई बड़े शहरों में गैस सिलेंडर की मांग बढ़ गई है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और चेन्नई जैसे शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

कुछ जगहों पर सिलेंडरों की कालाबाजारी की खबरें भी सामने आई हैं। होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

संकट से निपटने के लिए सरकार सक्रिय

ऊर्जा संकट को देखते हुए केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। गैस और तेल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में और जहाज भारत पहुंच सकते हैं, जिससे देश में गैस और ईंधन की आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।

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