NSS special camp Rajasthan University: योग, ध्यान और नशामुक्ति का संदेश | राजस्थान विश्वविद्यालय में NSS शिविर में युवाओं ने लिया विकसित भारत का संकल्प

University of Rajasthan के रसायनशास्त्र विभाग की National Service Scheme (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन युवाओं में स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से कई प्रेरणादायक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

13 मार्च 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में योग, ध्यान, करियर मार्गदर्शन, क्विज प्रतियोगिता, पोस्टर मेकिंग और जागरूकता रैली जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया।

नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी का मंच बना NSS शिविर

शिविर के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमित शर्मा ने कार्यक्रम की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि NSS का सात दिवसीय विशेष शिविर केवल गतिविधियों का आयोजन नहीं है, बल्कि यह स्वयंसेवकों के लिए नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

उन्होंने बताया कि शिविर का तीसरा दिन विशेष रूप से “हृदय आधारित ध्यान” और “नशामुक्ति” जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समर्पित किया गया था, ताकि युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकें।

शिक्षा के साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य जरूरी

रसायनशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक उपलब्धि ही पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का संतुलन बेहद आवश्यक है।

उनके अनुसार हृदय आधारित ध्यान तनाव कम करने, मन को शांत रखने और एकाग्रता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि विभाग हमेशा ऐसे नवाचारों का समर्थन करता है जो विद्यार्थियों को सामाजिक रूप से जागरूक और व्यक्तिगत रूप से मजबूत बनाते हैं।

NSS special camp Rajasthan University,
योग, ध्यान और नशामुक्ति का संदेश

प्रथम चरण: विद्यार्थियों ने सीखा हृदय आधारित ध्यान

कार्यक्रम के पहले चरण में Heartfulness Institute की ओर से हृदय आधारित ध्यान पर एक इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किया गया।

इस सत्र में विशेषज्ञ डॉ. चित्रा चौधरी ने विद्यार्थियों को ध्यान की विधि और इसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को ध्यान की व्यावहारिक ट्रेनिंग भी दी, जिससे वे इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल कर सकें।

वहीं विशेषज्ञ डॉ. तनु ने सकारात्मक सोच, धैर्य और मानसिक संतुलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित ध्यान से व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकता है।

‘ह्यूमन लाइब्रेरी’ से मिलेगा करियर मार्गदर्शन

इस सत्र के दौरान डॉ. चित्रा चौधरी ने विद्यार्थियों को “ह्यूमन लाइब्रेरी” की अवधारणा से भी परिचित कराया।

इस पहल के तहत विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार किसी अनुभवी मेंटर से जुड़ सकते हैं और उनसे करियर, व्यक्तित्व विकास तथा जीवन के अनुभवों से जुड़ी सीख प्राप्त कर सकते हैं।

इस पहल का उद्देश्य युवाओं को प्रेरणा देना और उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

द्वितीय चरण: विकसित भारत के लक्ष्य पर क्विज प्रतियोगिता

कार्यक्रम के दूसरे चरण में **Ministry of Youth Affairs and Sports, भारत सरकार द्वारा आयोजित “विकसित भारत क्विज 2026” में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यह राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन प्रतियोगिता थी, जिसके माध्यम से युवाओं को ग्रामीण रोजगार, आजीविका के अवसरों और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के बारे में जानकारी दी गई।

तृतीय चरण: पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता

कार्यक्रम के तीसरे चरण में “विकसित भारत, नशामुक्त भारत” विषय पर पोस्टर और स्लोगन मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता का शानदार प्रदर्शन किया।

स्वयंसेवकों ने नशे के दुष्प्रभावों को दर्शाने वाले प्रभावशाली पोस्टर और जागरूकता से भरपूर स्लोगन तैयार किए। इस अवसर पर संकाय सदस्य डॉ. परमेश्वर लाल मीणा और डॉ. रामहरि मीणा भी उपस्थित रहे।

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चतुर्थ चरण: नशामुक्ति के लिए जागरूकता रैली

कार्यक्रम के चौथे चरण में राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में नशामुक्ति के समर्थन में जागरूकता रैली निकाली गई।

इस रैली में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशे के खिलाफ नारे लगाए और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया।

रैली का उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना था।

लक्ष्यगीत के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में डॉ. अमित शर्मा ने सभी स्वयंसेवकों के साथ NSS का लक्ष्यगीत गाकर कार्यक्रम का समापन किया।

सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ लक्ष्यगीत गाया और शिविर को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी दिखाई।

इस विशेष शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल स्वास्थ्य और ध्यान का महत्व समझने का अवसर मिला, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझने की प्रेरणा मिली।

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