McDonalds Food Safety Action: जयपुर में मैकडॉनल्ड्स पर फूड सेफ्टी का बड़ा एक्शन, विषाक्त तेल में बन रही थीं फ्रेंच फ्राइज
शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत जयपुर के गौरव टावर स्थित मैकडॉनल्ड्स सहित दो रेस्टोरेंट्स से 100 किलो दूषित खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई।
McDonalds Food Safety Action: शुद्ध आहार अभियान के तहत जयपुर में सख्त कार्रवाई
जयपुर द्वितीय, 09 फरवरी। आमजन को सुरक्षित और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा विभाग ने राजधानी जयपुर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश पर सीएमएचओ जयपुर द्वितीय की फूड सेफ्टी टीम ने गौरव टावर स्थित दो रेस्टोरेंट्स (McDonalds Food Safety Action) पर निरीक्षण कर लगभग 100 किलो दूषित और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवाया।
मैकडॉनल्ड्स में घटिया और अनुपयोगी तेल का खुलासा
सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट में गंभीर लापरवाही सामने आई।
टीम ने पाया कि जिस रिफाइंड पामोलीन तेल में फ्रेंच फ्राइज और अन्य खाद्य पदार्थ तले जा रहे थे, वह पूरी तरह अनुपयोगी और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो चुका था।
निरीक्षण में सामने आया कि नॉन-वेज खाद्य पदार्थों के लिए उपयोग किए जा रहे तेल का टीपीसी (Total Polar Compounds) स्तर 28 और वेज खाद्य पदार्थों के लिए उपयोग किए जा रहे तेल का टीपीसी 31 पाया गया, जबकि तय मानक के अनुसार इसकी अधिकतम सीमा 25 है।
टीपीसी अधिक होने से बढ़ता है कैंसर और हार्ट डिजीज का खतरा
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार टीपीसी खाद्य तेल की गुणवत्ता मापने का वैज्ञानिक पैमाना है। जब तेल को बार-बार उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है, तो उसमें कैंसरकारक तत्व, अत्यधिक ट्रांस फैट और विषैले रसायन उत्पन्न हो जाते हैं।
टीपीसी स्तर 25 से अधिक होने पर तेल लगभग विषाक्त हो जाता है, जिससे दिल की बीमारियां, मोटापा और कैंसर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

काला और जला हुआ तेल फिर भी हो रहा था इस्तेमाल
टीम ने मौके पर पाया कि मैकडॉनल्ड्स में उपयोग किया जा रहा तेल अत्यधिक काला, जला हुआ और बदबूदार हो चुका था। इसके बावजूद इसे लगभग 150 डिग्री सेल्सियस तापमान पर गर्म कर सुबह से रात तक फ्राइंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
फूड सेफ्टी टीम ने तेल के नमूने लेकर करीब 40 लीटर तेल को तत्काल नष्ट करवाया। मौके पर मौजूद रेस्टोरेंट मैनेजर संभव भारद्वाज को तुरंत प्रभाव से केवल फ्रेश और मानक अनुरूप तेल उपयोग में लेने के निर्देश दिए गए।
रेस्टोरेंट को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया जाएगा और लैब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सड़े टमाटर और दूषित सब्जियां भी मिलीं
निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट के कोल्ड रूम में प्लास्टिक की कैरेट में रखे सड़े-गले टमाटर पाए गए। फूड सेफ्टी टीम ने मौके पर ही 40 किलो खराब टमाटर नष्ट करवाए। इससे खाद्य सामग्री के भंडारण में भारी लापरवाही उजागर हुई।
दूसरे रेस्टोरेंट (McDonalds Food Safety Action) पर भी कार्रवाई
गौरव टावर स्थित एक अन्य रेस्टोरेंट “चाट का चस्का” में भी निरीक्षण किया गया, जहां से लगभग 25 किलो दूषित खाद्य सामग्री नष्ट करवाई गई। साथ ही वहां उपयोग में लिए जा रहे खाद्य तेल का नमूना जांच के लिए संग्रहित किया गया।
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फूड सेफ्टी टीम रही मौजूद
इस पूरी कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील चोटवानी, राजेश नागर सहित प्रोबेशनरी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम शामिल रही। विभाग ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे।
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