न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा, मुख्यमंत्री ने दिए अहम निर्देश

जयपुर, 18 मई: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) कने रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर न्यायालयों में लंबित विभागीय प्रकरणों की समीक्षा बैठक (departmental case review) की। बैठक में उन्होंने जनहित और विकास योजनाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निपटाने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और पेंडिंग केस कम करने के लिए समयबद्ध लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए।

न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा- मुख्य बिंदु:

1. जनहित योजनाओं से जुड़े मामलों को मिलेगी प्राथमिकता

  • मुख्यमंत्री (CM Bhajanlal Sharma) ने कहा कि आमजन को समय पर राहत मिले, इसके लिए जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित मामलों की अदालतों में प्रभावी पैरवी की जाए।
  • महत्वपूर्ण मामलों में वरिष्ठ अधिवक्ताओं को नियुक्त किया जाए।
  • उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में समय पर अपील दायर करने पर जोर।

2. विभागीय अधिकारियों और अधिवक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय

  • प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश।
  • अधिकारी अधिवक्ताओं को आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं।
  • लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी।

3. पेंडिंग केस कम करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना

  • एक से अधिक विभागों से जुड़े मामलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं।
  • मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर पर भी समन्वय टीम गठित की जाए।
  • पेंडिंग मामलों को प्राथमिकता के आधार पर श्रेणीबद्ध कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

4. भर्ती और भूमि संबंधी मामलों पर विशेष ध्यान

  • युवाओं को रोजगार देने के लिए भर्ती प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण।
  • विकास योजनाओं से जुड़ी भूमि के मामलों में स्थगन आदेश हटाने के लिए प्रभावी पैरवी।

न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित उपस्थित प्रमुख अधिकारी

  • मुख्य सचिव सुधांश पंत
  • पुलिस महानिदेशक यू.आर. साहू
  • महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद
  • विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “आमजन का हित सर्वोपरि है।” सरकार न्यायालयीन प्रक्रियाओं में कोई कोताही नहीं बरतने देगी और जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली कानूनी बाधाओं को दूर करेगी।

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