UPI यूजर्स की हुई चांदी! बजट 2026 में बड़ा ऐलान, बिल्कुल मुफ्त रहेगा डिजिटल ट्रांजेक्शन
UPI और RuPay को मिला 2,000 करोड़ का सपोर्ट, चार्ज को लेकर खत्म हुआ भ्रम
UPI Free Transaction, नई दिल्ली। देश के करोड़ों डिजिटल पेमेंट यूजर्स के लिए राहत भरी खबर है। वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में सरकार ने यूपीआई (UPI) और रुपे डेबिट कार्ड के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि UPI ट्रांजेक्शन पूरी तरह फ्री रहेगा (UPI Free Transaction) और आम लोगों को डिजिटल भुगतान के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
बीते कुछ महीनों से यह आशंका जताई जा रही थी कि भविष्य में UPI ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाया जा सकता है, लेकिन बजट ने इस भ्रम को पूरी तरह दूर कर दिया है।
UPI चार्ज को लेकर क्यों था कन्फ्यूजन?
हाल के महीनों में UPI यूजर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि
“क्या UPI ट्रांजेक्शन पर पैसा देना पड़ेगा?”
इसकी वजह था आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा का एक बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि
“कोई भी सर्विस पूरी तरह फ्री नहीं होती, किसी न किसी को उसकी कीमत चुकानी पड़ती है।”
इस बयान के बाद यह कयास लगाए जाने लगे थे कि कहीं सरकार भविष्य में UPI ट्रांजेक्शन पर टैक्स या चार्ज न लगा दे। लेकिन अब सरकार ने बजट के जरिए साफ कर दिया है कि UPI पर कोई टैक्स या लेवी लगाने की कोई योजना नहीं है।
बजट 2026 में क्या हुआ ऐलान?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में घोषणा की कि
- UPI और RuPay डेबिट कार्ड के लिए 2,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी
- इससे पहले 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह राशि 2,196 करोड़ रुपये थी
हालांकि राशि में मामूली कमी आई है, लेकिन सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इससे फ्री डिजिटल ट्रांजेक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सरकार ने क्या कहा?
वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू ने बजट के बाद कहा कि
“UPI को सपोर्ट देने के लिए 2026-27 के बजट में 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि इसके जरिए ट्रांजेक्शन पूरी तरह फ्री बना रहे।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और आम लोगों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
साइबर फ्रॉड पर भी आई राहत भरी जानकारी
डिजिटल पेमेंट के साथ बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है।
एम. नागराजू के मुताबिक,
- बैंकों की गड़बड़ी के कारण होने वाले साइबर फ्रॉड 3% से भी कम हैं
- ज्यादातर मामलों में धोखाधड़ी यूजर्स की असावधानी के कारण होती है
उन्होंने कहा कि जागरूकता और सतर्कता से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
बैंकों के लिए बनेगी हाई-पावर कमेटी
बजट में “विकसित भारत” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बैंकों के लिए एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
नागराजू ने बताया कि—
- अभी समिति की Terms of Reference तैयार की जा रही हैं
- इसके बाद समिति का गठन होगा
- इसका मकसद यह तय करना है कि बैंकों को भविष्य के लिए कैसे मजबूत बनाया जाए
बैंकों की स्थिति कैसी है?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक,
- बैंकों में एनपीए (NPA) कम है
- मुनाफा बेहतर है
- बैंकिंग सेक्टर पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है
उन्होंने यह भी कहा कि भारत जैसे बड़े देश के लिए 3–4 बड़े मजबूत बैंकों की जरूरत है।
सरकारी बैंकों में FDI बढ़ाने पर विचार
वित्त मंत्रालय सरकारी बैंकों में FDI सीमा 20% से बढ़ाकर 49% करने पर भी विचार कर रहा है।
फिलहाल—
- सरकारी बैंकों में FDI सीमा: 20%
- निजी बैंकों में FDI सीमा: 74%
इस मुद्दे पर मंत्रालयों के बीच बातचीत जारी है।
आम यूजर्स के लिए क्या मतलब?
- UPI ट्रांजेक्शन पूरी तरह फ्री रहेगा
- कोई टैक्स या चार्ज नहीं लगेगा
- डिजिटल पेमेंट को सरकार का पूरा सपोर्ट जारी रहेगा
यानी, UPI यूजर्स की वाकई चांदी हो गई है।



