Education for Developed India: विकसित भारत 2047 की दिशा में शिक्षा का राष्ट्रीय अभियान शुरू, देशभर में बनेगी जागरूकता की नई लहर

Education for Developed India: जयपुर, 6 जून। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने के लिए शिक्षा को केंद्र में रखकर एक व्यापक जनजागरण अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की पुणे में आयोजित राष्ट्रीय प्रांत संयोजक बैठक में लिया गया, जिसमें देशभर के 40 से अधिक प्रांतों से आए 200 से अधिक शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केवल आर्थिक विकास पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भारतीय मूल्यों, ज्ञान परंपराओं और राष्ट्रहित की सोच से जोड़ना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से “विकसित भारत हेतु शिक्षा” विषय पर देशव्यापी अभियान चलाया जाएगा।

शिक्षा और समाज को जोड़ने का प्रयास

न्यास द्वारा तय किए गए अभियान के अंतर्गत शिक्षाविदों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाने की योजना बनाई गई है। विभिन्न क्षेत्रों में समितियों का गठन कर शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर संवाद को आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जब तक समाज के सभी वर्ग शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक विकसित भारत का सपना पूर्ण रूप से साकार नहीं हो सकेगा। इसलिए शिक्षा को केवल विद्यालयों और विश्वविद्यालयों तक सीमित न रखकर समाजव्यापी आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है।

देशभर में आयोजित होंगी ज्ञान सभाएं

बैठक में देशभर में 15 से अधिक ज्ञान सभाओं के आयोजन की घोषणा की गई। इन सभाओं के माध्यम से शिक्षा, संस्कृति, समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा और जनजागरण किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।

1 अगस्त को राष्ट्रीय स्तर का विशेष कार्यक्रम

न्यास ने घोषणा की कि 1 अगस्त को दत्तात्रेय होसबाले की अध्यक्षता में “विकसित भारत हेतु शिक्षा” विषय पर राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देशभर के शिक्षाविद, नीति विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि भाग लेकर शिक्षा की भूमिका पर विचार-विमर्श करेंगे।

स्थापना दिवस पर 100 से अधिक नगरों में कार्यक्रम

न्यास अपने स्थापना दिवस 2 जुलाई के अवसर पर देशभर के 100 से अधिक नगरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षा के भारतीय दृष्टिकोण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के महत्व को समाज तक पहुंचाना होगा।

Read More: दिल्ली में अफसरों की जवाबदेही तय! अवैध निर्माण और फायर नियमों की अनदेखी पर होगी सीधी कार्रवाई

महिला शिक्षाविदों का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी प्रस्तावित

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अक्टूबर माह में जिम कॉर्बेट में अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में 20 से अधिक देशों की महिला शिक्षाविदों के भाग लेने की संभावना है। इसमें महिला नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

Read More: खान सर पर बढ़ा कानूनी शिकंजा! फायरिंग केस में जांच तेज, गिरफ्तारी को लेकर बढ़ी अटकलें

आत्मनिर्भर भारत और चरित्र निर्माण पर राष्ट्रीय कार्यशालाएं

न्यास ने दिसंबर तक आत्मनिर्भरता, तकनीकी शिक्षा, वैदिक गणित, पर्यावरण संरक्षण और चरित्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय कार्यशालाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य युवाओं को ज्ञान के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक मूल्यों से भी जोड़ना होगा।

Read More: डॉ अर्चना गुप्ता ने ग्रहण किया प्रदेश अध्यक्ष का पदभार, महिला नेतृत्व के भरोसे भाजपा का नया मिशन

त्रिभाषा सूत्र के प्रभावी क्रियान्वयन का स्वागत

बैठक में सीबीएसई द्वारा त्रिभाषा सूत्र के प्रभावी क्रियान्वयन का स्वागत करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया। वक्ताओं ने भारतीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन को राष्ट्रीय शिक्षा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया तथा कहा कि मातृभाषा आधारित शिक्षा विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बैठक के अंत में यह संदेश दिया गया कि विकसित भारत का मजबूत आधार केवल ऐसी शिक्षा व्यवस्था ही बना सकती है जो ज्ञान, संस्कार, कौशल और राष्ट्रीय चेतना का संतुलित समन्वय प्रस्तुत करे। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का यह अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

For More Latest Updates: Instagram, Facebook and Youtube

Related Posts

  • 8 views
सेवा से संघर्ष तक: जयपुर पहुंची संविदा नर्सेज की न्याय यात्रा, स्थाई भर्ती की मांग पर बढ़ा टकराव

Contract Nurses Protest: जयपुर। राजस्थान में संविदा नर्सेज, एएनएम और पैरामेडिकल कर्मियों का लंबे समय से चल रहा रोजगार और भर्ती संबंधी संघर्ष अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे…

  • 25 views
2027 तक ऊर्जा आत्मनिर्भरता का रोडमैप: राजस्थान को बिजली खरीददार से बिजली निर्यातक राज्य बनाने की तैयारी:

Rajasthan Energy Self-Reliance: जयपुर। राजस्थान सरकार ने वर्ष 2027 तक प्रदेश को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल…