एक स्कूल प्रिंसिपल ऐसा भी: सरकारी स्कूल की 3 छात्राओं को अपने खर्च पर करवाई हेलिकॉप्टर की सैर
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले में एक प्रिंसिपल ने मेधावी छात्राओं का सपना पूरा कर उन्हें हेलिकॉप्टर से जयपुर की सैर करवाई।
Helicopter ride for students: राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले से एक बेहद प्रेरणादायक और दिल छू लेने वाली खबर सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने अपनी छात्राओं के सपने को पूरा करने के लिए ऐसा कदम उठाया, जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। प्रिंसिपल ने अपनी जेब से करीब एक लाख रुपये खर्च कर तीन मेधावी छात्राओं को हेलिकॉप्टर की सैर करवाई।
यह अनोखी पहल न सिर्फ छात्राओं के लिए यादगार बन गई, बल्कि पूरे इलाके में शिक्षा के प्रति नई प्रेरणा भी दे गई।
डीडवाना-कुचामन के केराप गांव का मामला
यह मामला डीडवाना-कुचामन जिले के केराप गांव स्थित राजकीय महात्मा गांधी स्कूल से जुड़ा हुआ है। यहां आठवीं कक्षा की तीन छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा से पहले आयोजित क्लास टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया था।
इन छात्राओं ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। जब स्कूल प्रशासन ने इन बच्चियों से पूछा कि उन्हें इनाम में क्या चाहिए, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वे हेलिकॉप्टर की सैर करना चाहती हैं।
बच्चियों की यह इच्छा सुनकर पहले तो सभी को यह मजाक जैसा लगा, लेकिन स्कूल के प्रिंसिपल ने इसे गंभीरता से लिया।
प्रिंसिपल ने पूरा किया छात्राओं का सपना
राजकीय महात्मा गांधी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने छात्राओं की इस इच्छा को पूरा करने का फैसला किया। उन्होंने अपनी निजी बचत से पैसे खर्च कर तीनों छात्राओं को हेलिकॉप्टर में जयपुर की सैर करवाई।
इस पूरे कार्यक्रम में करीब एक लाख रुपये का खर्च आया, जिसे प्रिंसिपल ने अपनी जेब से वहन किया। इस पहल का उद्देश्य सिर्फ इन तीन बच्चियों को खुश करना नहीं था, बल्कि स्कूल के बाकी छात्रों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करना था।
प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका का कहना है कि अगर बच्चों को उनकी मेहनत का सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाए, तो वे और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
ये हैं वे तीन होनहार छात्राएं
हेलिकॉप्टर की सैर करने वाली तीनों छात्राओं के नाम खुशी मेघवाल, रंजना नायक और ज्योति हैं। ये सभी छात्राएं आठवीं कक्षा में पढ़ती हैं और अपने क्लास टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करके टॉप स्थान हासिल किया था।
इन छात्राओं के लिए यह अनुभव जीवन भर याद रहने वाला बन गया।
छात्राओं की खुशी का नहीं रहा ठिकाना
हेलिकॉप्टर की सैर करने वाली छात्रा ज्योति ने बताया कि जब उन्हें पहली बार यह बात बताई गई कि वे हेलिकॉप्टर में बैठकर सैर करेंगी, तो उन्हें लगा कि शायद शिक्षक मजाक कर रहे हैं।
लेकिन जब वास्तव में वे हेलिकॉप्टर में बैठकर आसमान से जयपुर शहर को देख रही थीं, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बाकी दोनों छात्राओं ने भी इस अनुभव को बेहद खास बताया।
शिक्षा के लिए प्रेरणादायक पहल
इस अनोखी पहल की पूरे इलाके में खूब सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर हर शिक्षक बच्चों को इसी तरह प्रेरित करे, तो सरकारी स्कूलों के छात्र भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस जुटा सकते हैं।
प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका का यह कदम यह संदेश देता है कि एक शिक्षक अगर ठान ले, तो वह अपने विद्यार्थियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
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