Nirwan University Yoga Festival: सुबह की सुनहरी शुरुआत | निर्वाण विश्वविद्यालय में योग महोत्सव ने जगाई स्वास्थ्य चेतना
जयपुर के बस्सी स्थित निर्वाण विश्वविद्यालय में आयोजित योग महोत्सव ने सैकड़ों छात्रों और आमजन को एक मंच पर लाकर स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश दिया। आयुष मंत्रालय के 100 दिवसीय अभियान के तहत हुए इस आयोजन ने योग को केवल अभ्यास नहीं, बल्कि जीवनशैली के रूप में अपनाने की प्रेरणा दी। प्रकृति के बीच सामूहिक योगाभ्यास ने सकारात्मक ऊर्जा का अनूठा अनुभव कराया।
प्राकृतिक वातावरण में योग का अनूठा संगम
Nirwan University Yoga Festival: जयपुर के बस्सी स्थित निर्वाण विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार सुबह का नजारा खास रहा। उगते सूर्य की किरणों, हरियाली और खुले वातावरण के बीच सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आम नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास किया। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और संतुलित जीवन की ओर एक सामूहिक कदम के रूप में सामने आया।
राष्ट्रीय अभियान से जुड़ा आयोजन
यह योग महोत्सव भारत सरकार के आयुष मंत्रालय और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के 100 दिवसीय काउंटडाउन अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने अनुशासन और समर्पण के साथ योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया।

विशेष अतिथियों की मौजूदगी ने बढ़ाई गरिमा
कार्यक्रम में योगाचार्य ढाकाराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ. एस.एल. सिहाग ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला कदम बताया। कुलपति प्रो. एस.एल. गोदारा ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए सभी से इसे नियमित अपनाने का आह्वान किया।
योग बना अनुशासन और सकारात्मकता का माध्यम
उपकुलपति प्रो. भावना देथा ने इस तरह के आयोजनों को विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। कुलसचिव डॉ. सी.एम. राजोरिया ने जानकारी दी कि कार्यक्रम में बस्सी क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया, जिससे यह आयोजन सामुदायिक सहभागिता का उदाहरण बन गया।

सामूहिक योगाभ्यास ने भरा ऊर्जा का संचार
सुबह 7 बजे से शुरू हुए योग सत्र में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षित योगाचार्यों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। लगभग 45 मिनट तक चले इस सत्र ने सभी को शारीरिक और मानसिक रूप से ऊर्जावान बनाया। प्रतिभागियों ने इसे एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव बताया।
योग के माध्यम से सामाजिक जुड़ाव
इस आयोजन की एक खास बात यह रही कि इसमें केवल विश्वविद्यालय ही नहीं, बल्कि स्थानीय समाज के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि योग अब केवल व्यक्तिगत अभ्यास नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव का माध्यम भी बन रहा है।
विशेषज्ञों और अतिथियों का सम्मान
कार्यक्रम में योग और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों तथा वरिष्ठ अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन के अंत में मीडिया प्रतिनिधियों और योग संस्थाओं से जुड़े व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ।
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निष्कर्ष: योग बना जीवनशैली का संदेश
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निर्वाण विश्वविद्यालय का यह योग महोत्सव केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि एक संदेश है कि स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनाना आवश्यक है। इस पहल ने न केवल युवाओं को प्रेरित किया, बल्कि समाज में स्वास्थ्य और संतुलन की दिशा में एक मजबूत कदम भी रखा।
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