Gehlot RSS Remark: गहलोत के बयान पर तिवाड़ी का पलटवार: कांग्रेस के इतिहास, आपातकाल और तुष्टिकरण की राजनीति पर उठाए सवाल

Gehlot RSS Remark: जयपुर। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान को लेकर तीखा हमला बोला है। तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन खिसकने के बाद वैचारिक मुद्दों को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है और इसी वजह से उसके नेताओं की भाषा लगातार आक्रामक होती जा रही है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान तिवाड़ी ने कहा कि अशोक गहलोत का बयान राजनीतिक हताशा का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का जनाधार लगातार सिकुड़ रहा है और कई राज्यों में पार्टी का प्रभाव पहले की तुलना में काफी कम हो चुका है। उनके अनुसार कांग्रेस को अपनी वर्तमान स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए, बजाय इसके कि वह वैचारिक संगठनों और विरोधी दलों पर आरोप लगाए।

आरएसएस पर प्रतिबंध के इतिहास का किया उल्लेख

तिवाड़ी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लगाए गए प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि ऐसे फैसलों को अंततः वापस लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में आरएसएस पर लगाया गया प्रतिबंध हो या फिर 1975 का आपातकाल, दोनों ही घटनाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़े किए थे। उनका दावा था कि इन फैसलों का राजनीतिक नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ा।

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कांग्रेस और मुस्लिम लीग के संबंधों पर साधा निशाना

प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा सांसद ने कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन से जुड़े घटनाक्रमों का अध्ययन करने पर कई राजनीतिक समझौते सामने आते हैं। तिवाड़ी ने 1916 के लखनऊ समझौते और खिलाफत आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने अतीत की समीक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विभिन्न समयों पर मुस्लिम लीग के साथ राजनीतिक समझौते किए, जिनके दूरगामी प्रभाव देश ने देखे। तिवाड़ी ने कहा कि विभाजन की त्रासदी भारत के इतिहास की सबसे पीड़ादायक घटनाओं में से एक रही है और राजनीतिक दलों को इस विषय पर जिम्मेदारी से बात करनी चाहिए।

आपातकाल और संविधान संशोधन का मुद्दा भी उठाया

घनश्याम तिवाड़ी ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे कठिन दौर बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की बात करने वाली कांग्रेस को अपने शासनकाल के दौरान लगाए गए आपातकाल को भी याद रखना चाहिए। तिवाड़ी के अनुसार बाद में किए गए संवैधानिक सुधारों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाने का कार्य किया।

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भाजपा की विकास राजनीति का किया उल्लेख

भाजपा सांसद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की राजनीति का आधार राष्ट्रहित और विकास है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि इनका लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों तक पहुंचाया गया है। तिवाड़ी ने कहा कि भाजपा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ कार्य कर रही है।

गहलोत से माफी मांगने की मांग

तिवाड़ी ने अंत में कहा कि कांग्रेस नेताओं को हिंदू समाज और देश की जनता के सामने अपने बयानों को लेकर स्पष्टता देनी चाहिए। उन्होंने अशोक गहलोत से अपने बयान पर पुनर्विचार करने और हिंदुओं से माफी मांगने की अपील की। साथ ही उन्होंने दावा किया कि देश की जनता अब विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है, जबकि कांग्रेस अब भी पुराने राजनीतिक विमर्श में उलझी हुई है।

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