Digital Census Delhi: दिल्ली में डिजिटल जनगणना की नई पहल, घर-घर पहुंच रहा जागरूकता अभियान
राजधानी दिल्ली में जनगणना को लेकर इस बार प्रशासन ने डिजिटल तरीके से लोगों को जोड़ने की अनोखी पहल शुरू की है। पटेल नगर और करोल बाग क्षेत्र में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि उन लोगों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाना है जो अब तक इससे वंचित रहे हैं।
Digital Census Delhi: दिल्ली में इस बार जनगणना केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि आम जनता तक सरकारी योजनाओं की वास्तविक पहुंच सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनती नजर आ रही है। पश्चिमी दिल्ली की डीएम रंजना देसाई और करोल बाग के एसडीएम नितिन शाक्य के नेतृत्व में पटेल नगर क्षेत्र में एक व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है, जिसमें डिजिटल जनगणना प्रक्रिया को लोगों तक सरल भाषा में समझाया जा रहा है।
Read More: पंचकूला में ‘ट्रिपल इंजन’ का आह्वान, सीएम सैनी ने विकास के नाम पर मांगा जनसमर्थन
इस अभियान की खास बात यह है कि प्रशासन सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को मोबाइल और लैपटॉप के जरिए जनगणना प्रक्रिया को खुद पूरा करने के लिए प्रशिक्षित भी कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस बार जनगणना में OTP आधारित प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी।

डीएम रंजना देसाई ने बताया कि यह अभियान 15 दिनों तक लगातार चलेगा और इसका मकसद उन लोगों तक पहुंचना है जो डिजिटल माध्यमों से अभी तक पूरी तरह परिचित नहीं हैं। उनके अनुसार, ‘जनगणना सिर्फ संख्या गिनने का काम नहीं है, बल्कि यह समझने का जरिया है कि किन परिवारों तक सरकारी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं।’
वहीं एसडीएम नितिन शाक्य ने इस पहल को आम जनता के लिए बेहद लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए लोगों को यह समझाया जा रहा है कि वे किन योजनाओं के पात्र हैं और किन कारणों से वे उनसे वंचित रह जाते हैं। इस प्रक्रिया के जरिए सरकार को जमीनी स्तर की सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे भविष्य की नीतियां और अधिक प्रभावी बन सकेंगी।
Read More: पंचकूला में ‘ट्रिपल इंजन’ का आह्वान, सीएम सैनी ने विकास के नाम पर मांगा जनसमर्थन
इस अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी देखने को मिली। पटेल नगर से आम आदमी पार्टी के विधायक प्रवेश रतन ने भी अधिकारियों के साथ मिलकर क्षेत्र में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि ‘कई बार लोगों को यह तक नहीं पता होता कि वे किन सुविधाओं के हकदार हैं। यह अभियान उन्हें जागरूक करेगा और उनके जीवन स्तर को सुधारने में मदद करेगा।’

इस बार की जनगणना को लेकर प्रशासन का फोकस केवल डेटा कलेक्शन नहीं, बल्कि ‘डेटा से विकास’ की दिशा में आगे बढ़ना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से जहां प्रक्रिया तेज होगी, वहीं इससे मिलने वाली जानकारी सरकार को अधिक सटीक निर्णय लेने में मदद करेगी।
दिल्ली में शुरू हुआ यह अभियान आने वाले समय में देश के अन्य हिस्सों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है, जहां जनगणना को केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव के एक मजबूत उपकरण के रूप में देखा जाएगा।




