Workers Day Celebration India: संस्कारम यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल वर्कर्स डे सेलिब्रेशन में लेबर की डिग्निटी पर रोशनी डाली गई
संस्कारम विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिकों के सम्मान में आयोजित विशेष कार्यक्रम ने श्रम की गरिमा और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने श्रमिकों के योगदान को सराहते हुए उनके लिए सम्मान समारोह, जलपान और प्रेरणादायक संबोधन का आयोजन किया, जिसमें श्रमिकों को समाज और राष्ट्र की असली ताकत बताया गया।
संस्कारम विश्वविद्यालय में श्रम सम्मान का अनोखा उदाहरण
Workers Day Celebration India: प्रेस विज्ञप्ति 02/05/2026 के अनुसार, संस्कारम विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस इस वर्ष एक अलग ही दृष्टिकोण के साथ मनाया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर श्रमिकों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान का जीवंत प्रदर्शन बन गया। विश्वविद्यालय परिसर में कार्यरत श्रमिकों को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि संस्थान अपने मूल स्तंभों को पहचानता और सम्मानित करता है।
श्रमिकों के सम्मान में विशेष पहल
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्रमिक वर्ग के प्रति आभार प्रकट करना और समाज में श्रम की गरिमा को स्थापित करना था। इस अवसर पर श्रमिक भाइयों के लिए विशेष रूप से टिफिन वितरित किए गए। साथ ही मिष्ठान और शरबत की व्यवस्था कर उन्हें सम्मानपूर्वक सत्कार दिया गया।
इस पहल ने श्रमिकों के बीच अपनापन और सम्मान की भावना को और मजबूत किया। कई श्रमिकों ने इस आयोजन को अपने लिए गर्व का क्षण बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

“श्रमिक राष्ट्र की वास्तविक शक्ति” – डॉ. महिपाल
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. महिपाल ने अपने संबोधन में श्रमिकों की भूमिका को केंद्र में रखते हुए कहा कि किसी भी समाज या राष्ट्र की असली ताकत उसके श्रमिक होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास की नींव श्रमिकों के परिश्रम, ईमानदारी और समर्पण पर टिकी होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान तभी सफल हो सकता है जब वह अपने हर स्तर के कर्मचारियों के योगदान को समान महत्व दे।

राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों की भूमिका
वाइस चांसलर डॉ. अजीत सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि मजदूर वर्ग राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने समाज के हर नागरिक से अपील की कि श्रमिकों के अधिकार, सुरक्षा और कल्याण के प्रति सजग रहना आवश्यक है।
उनका यह संदेश कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा और श्रमिकों के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता नजर आया।
संस्थान की सफलता में श्रमिकों का योगदान
वाइस चेयरमैन श्रीमती सुमन यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता केवल प्रबंधन या शिक्षकों के प्रयासों से नहीं, बल्कि श्रमिकों के निरंतर परिश्रम से संभव होती है। उन्होंने श्रमिकों के योगदान को अमूल्य बताते हुए उन्हें सम्मान देने की आवश्यकता पर बल दिया।
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सामूहिक सहभागिता से बना प्रेरणादायक आयोजन
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर श्रमिकों का सम्मान किया और उनके उत्साह को बढ़ाया।
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यह आयोजन केवल एक दिन का कार्यक्रम न होकर सामाजिक समरसता, सहयोग और मानवता के मूल्यों को दर्शाने वाला एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।
सकारात्मक संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन श्रमिकों के उज्ज्वल भविष्य, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामनाओं के साथ किया गया। संस्कारम विश्वविद्यालय का यह प्रयास न केवल संस्थान के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश बन गया कि श्रम का सम्मान ही वास्तविक प्रगति का मार्ग है।
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