Blood Donation Camp: 14वें रक्तदान शिविर में सेवा का उत्सव, राजेंद्र कुमार ने 34वीं बार किया रक्तदान, युवाओं को दिया 100 बार का संकल्प संदेश
जयपुर के बनीपार्क सिंधी कॉलोनी में आयोजित 14वें विशाल रक्तदान शिविर ने सेवा, समर्पण और सामाजिक एकजुटता की मिसाल पेश की। ग्राम पाटन (तहसील तुंगा) निवासी राजेंद्र कुमार ने 34वीं बार रक्तदान कर युवाओं को प्रेरित किया और 100 बार रक्तदान का संकल्प दोहराया। मातृशक्ति और विकास समिति की पहल को समाज के हर वर्ग से सराहना मिली।
Blood Donation Camp: जयपुर के बनीपार्क सिंधी कॉलोनी में आयोजित 14वें विशाल रक्तदान शिविर ने सेवा, समर्पण और सामाजिक एकजुटता की मिसाल पेश की। ग्राम पाटन (तहसील तुंगा) निवासी राजेंद्र कुमार ने 34वीं बार रक्तदान कर युवाओं को प्रेरित किया और 100 बार रक्तदान का संकल्प दोहराया। मातृशक्ति और विकास समिति की पहल को समाज के हर वर्ग से सराहना मिली।
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समाज सेवा का संगम बना रक्तदान शिविर
जयपुर के बनीपार्क स्थित सिंधी कॉलोनी में विकास समिति एवं मातृशक्ति के संयुक्त तत्वावधान में 14वां विशाल रक्तदान शिविर उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल रक्त संग्रह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम बना।
शिविर में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही रक्तदाताओं की कतारें देखने को मिलीं। चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम द्वारा सभी दाताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद सुरक्षित रूप से रक्त संग्रह किया गया।
34वीं बार रक्तदान कर बने प्रेरणा स्रोत
इस शिविर के केंद्र में रहे जयपुर जिले की तुंगा तहसील के ग्राम पाटन निवासी राजेंद्र कुमार। उन्होंने इस अवसर पर 34वीं बार रक्तदान कर सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। राजेंद्र कुमार का मानना है कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकता है। उन्होंने कहा, ‘रक्तदान महादान है। हमारा एक छोटा सा प्रयास किसी परिवार की खुशियां लौटा सकता है।’ उनका लक्ष्य केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता है। वे शत-रक्तदान यानी 100 बार रक्तदान करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
जन्मदिन और वर्षगांठ को बनाएं ‘रक्तदान उत्सव’
राजेंद्र कुमार ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अन्य खास अवसरों को रक्तदान के साथ जोड़ें। इससे न केवल उत्सव सार्थक बनेगा, बल्कि समाज के लिए उपयोगी भी होगा। उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान से स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि यह शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है।
मातृशक्ति और विकास समिति की अनूठी पहल
आयोजन समिति ने बताया कि इस प्रकार के शिविर समाज में सहयोग और सेवा की भावना को सशक्त बनाते हैं। मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को विशेष ऊर्जा दी। महिलाओं ने न केवल रक्तदान किया बल्कि प्रबंधन और व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समिति ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी आयोजन निरंतर किए जाएंगे।
सामाजिक सराहना और सकारात्मक संदेश
शिविर को समाज के विभिन्न वर्गों से सराहना मिली। स्थानीय नागरिकों ने इसे मानवता के लिए एक सकारात्मक पहल बताया।यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब समाज एकजुट होता है तो सेवा का हर प्रयास एक आंदोलन बन जाता है। राजेंद्र कुमार जैसे समर्पित रक्तदाता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं और यह संदेश देते हैं कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से होती है।
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