Inclusive Education Rajasthan: कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ना शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी: शासन सचिव कृष्ण कुणाल
Inclusive Education Rajasthan: चूरू डाइट के नवाचारों, डिजिटल लर्निंग और A+ ग्रेड उपलब्धि की सराहना, मूल्य आधारित शिक्षा पर दिया विशेष जोर
जयपुर। राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव Krishna Kunal ने कहा है कि शिक्षक केवल विषयवस्तु पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि अभिभावक की भूमिका निभाते हुए प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा को निखारें। उन्होंने विशेष रूप से कमजोर और पिछड़े विद्यार्थियों को मुख्यधारा में लाने के लिए सुनियोजित एवं संवेदनशील प्रयास करने पर बल दिया।
शासन सचिव District Institute of Education and Training Churu (डाइट), चूरू के निरीक्षण के दौरान शिक्षकों और प्रशिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने डाइट की कार्यप्रणाली, शैक्षिक नवाचारों तथा भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धियों की सराहना की।
लर्निंग आउटकम सुधार पर विशेष फोकस
श्री कुणाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सीखने की वास्तविक क्षमता विकसित करना है। इसके लिए लर्निंग आउटकम में निरंतर सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने तकनीकी शिक्षा और मूल्य आधारित शिक्षा के संतुलित समावेश पर जोर देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार होंगे।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे कक्षा-कक्ष को नवाचार और संवाद का केंद्र बनाएं, ताकि विद्यार्थी खुलकर सीख सकें और अपनी जिज्ञासाओं को व्यक्त कर सकें।
पुस्तकालय, वाचनालय और लक्ष्य प्राप्ति की सराहना
निरीक्षण के दौरान शासन सचिव ने डाइट परिसर स्थित पुस्तकालय एवं वाचनालय का अवलोकन किया। उन्होंने पुस्तकों की सुसज्जित व्यवस्था और विद्यार्थियों द्वारा उसके प्रभावी उपयोग पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही फरवरी माह तक निर्धारित भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों की 100 प्रतिशत उपलब्धि को संस्थान की मजबूत प्रशासनिक क्षमता का प्रमाण बताया।
डिजिटल लर्निंग को मिले नए आयाम
डाइट चूरू द्वारा कक्षा 3 से 12 तक की विषयवस्तु को डिजिटल माध्यम से डाइट की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की पहल को श्री कुणाल ने सराहनीय बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालय स्तर पर इस डिजिटल कंटेंट का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ सकें।
इसके अलावा कक्षा 6 से 10 तक विज्ञान विषय के प्रयोगों को स्थानीय संसाधनों से सरल तरीके से समझाने की पहल की भी उन्होंने प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और प्रयोगात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।
हरियालो राजस्थान अभियान को बढ़ावा
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में डाइट चूरू द्वारा किए गए प्रयासों की भी शासन सचिव ने सराहना की। ‘हरियालो राजस्थान’ एवं ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत डाइट परिसर में 153 प्रजातियों के 8000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इस अवसर पर श्री कुणाल ने स्वयं अर्जुन का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्रशिक्षणार्थियों से संवाद और नवाचारों का अवलोकन
निरीक्षण के दौरान उन्होंने D.El.Ed. प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्य, आईसीटी आधारित कार्यशालाओं, आधुनिक उपकरणों और शिक्षण मॉड्यूल्स का भी अवलोकन किया।
उन्होंने पीएमश्री विद्यालयों के लिए प्रश्न बैंक निर्माण, उच्च स्तरीय सोच (HOTS) आधारित प्रश्न, एआई आधारित ‘कैरियर दोस्त’ चैटबॉट, गुड टच-बैड टच सिमुलेशन, ई-कंटेंट निर्माण, पीएम ई-विद्या चैनल एवं DIKSHA ऐप पर सक्रिय भागीदारी जैसे नवाचारों की विशेष रूप से प्रशंसा की।
डाइट चूरू को मिला A+ ग्रेड, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा
डाइट चूरू के उपनिदेशक एवं प्रधानाचार्य डॉ. गोविन्द सिंह राठौड़ ने शासन सचिव को संभाग के सातों प्रभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि निरंतर नवाचारों और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सुधारों के चलते डाइट चूरू को राजस्थान में एकमात्र A+ ग्रेड रैंकिंग प्राप्त हुई है। इसके साथ ही संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) का दर्जा भी मिला है।
इस उपलब्धि पर श्री कुणाल ने डाइट टीम को बधाई देते हुए सुझाव दिया कि यहां विकसित किए गए सफल नवाचारों को राज्य के सभी डाइट संस्थानों में लागू किया जाए, ताकि प्रदेशभर में शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता और अधिक सुदृढ़ हो सके।





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