Xu Feihong Jaipur Visit: भारत की सांस्कृतिक राजधानी माने जाने वाले जयपुर की खूबसूरती ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान खींचा है। भारत में चीन के राजदूत Xu Feihong हाल ही में जयपुर दौरे पर पहुंचे और शहर की ऐतिहासिक धरोहर, रंगीन संस्कृति और भव्य वास्तुकला से अभिभूत नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने अनुभव साझा करते हुए जयपुर की जमकर तारीफ की।
राजदूत ने लिखा कि भारत की चमकदार संस्कृति और खूबसूरत वास्तुकला कई बार उन्हें मंत्रमुग्ध कर देती है, और जयपुर निश्चित रूप से उन खास जगहों में से एक है। उनके इस बयान को भारत-चीन के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
गुलाबी नगरी की विरासत ने छोड़ी गहरी छाप
जयपुर, जिसे ‘पिंक सिटी’ के नाम से जाना जाता है, अपनी किलों, महलों और पारंपरिक बाजारों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां की राजस्थानी कला, हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और मेहमाननवाजी हर विदेशी मेहमान को आकर्षित करती है। राजदूत का यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद का प्रतीक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दौरों से दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। भारत और चीन, दोनों ही प्राचीन सभ्यताओं वाले देश हैं, जिनके बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान की अपार संभावनाएं हैं।
फ्लाइट सेवा बहाली से रिश्तों में नई ऊर्जा
राजदूत का जयपुर दौरा ऐसे समय हुआ है जब भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवाओं की बहाली ने द्विपक्षीय संबंधों में नई गति दी है। 1 फरवरी से दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर से शुरू हुई है, जिसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत के शंघाई स्थित वाणिज्य दूतावास ने इस पहल का स्वागत किया। वाणिज्य दूत प्रतीक माथुर के नेतृत्व में भारतीय पक्ष ने इसे व्यापार, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने वाला कदम बताया।
करीब छह साल के अंतराल के बाद यह सेवा फिर से शुरू हुई है। वर्ष 2020 की शुरुआत में वैश्विक परिस्थितियों के कारण उड़ानें बंद हो गई थीं। अब सेवाओं की बहाली से लोगों के बीच संपर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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छह साल बाद शंघाई से दिल्ली की पहली उड़ान
करीब छह वर्षों के बाद पहली सीधी उड़ान शंघाई के पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हुई। इस उड़ान में 230 से अधिक यात्री सवार थे। यह सेवा Air India द्वारा संचालित की जा रही है।
एयर इंडिया इस रूट पर हफ्ते में चार उड़ानें संचालित करेगी। इन उड़ानों में आधुनिक सुविधाओं से लैस Boeing 787-8 Dreamliner विमान का उपयोग किया जा रहा है, जो लंबी दूरी की यात्रा के लिए आरामदायक और उन्नत तकनीक से सुसज्जित माना जाता है।
वाणिज्य दूत ने कहा कि शंघाई और नई दिल्ली के बीच सीधी उड़ान की बहाली भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक बदलाव का ठोस संकेत है। बेहतर एयर कनेक्टिविटी से व्यापारिक गतिविधियों, पर्यटन, शिक्षा और निवेश को नई गति मिलेगी, खासकर भारत और पूर्वी चीन के बीच।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि सीधी उड़ानों की बहाली से कारोबारी यात्राएं आसान होंगी और पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा। चीन से भारत आने वाले पर्यटकों के लिए अब यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। वहीं भारतीय उद्योगपतियों और छात्रों के लिए भी चीन तक पहुंच आसान होगी।
जयपुर जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहरों को इससे सीधा फायदा मिल सकता है। यदि राजनयिक और कारोबारी संपर्क बढ़ते हैं, तो पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय और स्थानीय हस्तशिल्प बाजार में नई जान आ सकती है।
सांस्कृतिक कूटनीति का सकारात्मक संकेत
राजदूत शु फेइहोंग का जयपुर दौरा केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सांस्कृतिक कूटनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। जब किसी देश का शीर्ष राजनयिक किसी शहर की खुले मंच पर प्रशंसा करता है, तो वह संदेश केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आपसी विश्वास और सहयोग का संकेत भी देता है।
भारत और चीन के बीच समय-समय पर तनाव के दौर आए हैं, लेकिन ऐसे सांस्कृतिक और संपर्क आधारित कदम रिश्तों में संतुलन और संवाद बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।
जयपुर की सुंदरता से प्रभावित चीन के राजदूत की प्रतिक्रिया और सीधी उड़ान सेवा की बहाली, दोनों घटनाएं भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक संकेत देती हैं। सांस्कृतिक जुड़ाव और बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए दोनों देश व्यापार, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर तलाश सकते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये पहल द्विपक्षीय रिश्तों को किस दिशा में ले जाती हैं।
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