वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान: सामुदायिक भागीदारी से साकार होगा जल संचयन का लक्ष्य

जयपुर, 14 जून 2025।जल संरक्षण और भू-जल स्तर में सुधार केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। इसी दिशा में, जयपुर जिले में शनिवार को “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” (Vande Ganga Water Conservation Campaign) के तहत एक कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का आयोजन जिला कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने की। उन्होंने उद्योगपतियों, भामाशाहों, स्वयंसेवी संस्थाओं और व्यापारिक संगठनों से अभियान (Vande Ganga Water Conservation Campaign) में सक्रिय व सकारात्मक भागीदारी निभाने की अपील की।

🔹 सामुदायिक सहयोग से होगा जल संकट का समाधान

डॉ. सोनी ने कहा कि “हरियालो राजस्थान” एवं जल संरक्षण की संकल्पना को साकार करने के लिए सामुदायिक सहयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कॉर्पोरेट हाउस, औद्योगिक संगठन, व्यापारिक संस्थाएं एवं एनजीओ जल संरक्षण की दिशा में सरकार के प्रयासों को गति दे सकते हैं।

🔹 तकनीकी जानकारी और प्रेजेंटेशन

कार्यशाला में भू-जल विभाग, जल संसाधन विभाग और वन विभाग के अधिकारियों ने जल संरक्षण की योजनाओं, क्रियान्वयन, संचालन व रख-रखाव की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिए। इन योजनाओं में वर्षा जल संचयन, सूखे कुओं व हैंडपंपों के पुनर्भरण, रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण आदि शामिल हैं।

🔹 जन जागरूकता और सहयोग की अपील

जिला कलक्टर ने जल उपयोग दक्षता बढ़ाने, जल स्रोतों की स्थिरता बनाए रखने और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न जल संकट से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। उन्होंने अपील की कि हर व्यक्ति, संस्था और उद्योग अपने स्तर पर योगदान दे।

🔹 संकल्प पत्र भरकर जताया समर्थन

कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों — उद्योगपतियों, भामाशाहों, स्वयंसेवी संस्थाओं और व्यापारिक संगठनों ने मौके पर ही संकल्प पत्र भरकर जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।इस अवसर पर जल संरक्षण जन अभियान की संकल्प शपथ भी दिलाई गई।

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🔹 प्रमुख अधिकारी रहे उपस्थित

इस कार्यशाला में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती कुंतल विश्नोई सहित उद्योग विभाग, जल संसाधन विभाग और भूजल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।-

–📌 निष्कर्ष:जल संरक्षण एक साझा जिम्मेदारी है। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जैसे प्रयास, जब सामाजिक सहभागिता से जुड़ते हैं, तब ही वास्तविक परिवर्तन संभव होता है

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