वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेन का टिकट कैंसिलेशन नियम अलग, समय पर नहीं समझा तो होगा बड़ा नुकसान (Vande Bharat Sleeper ticket cancellation)
भारतीय रेलवे अब सिर्फ यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि वह तेज़, आरामदायक और आधुनिक यात्रा अनुभव देने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
Vande Bharat Sleeper ticket cancellation: प्रीमियम ट्रेनों में सफर से पहले जान लें टिकट रिफंड का पूरा गणित
भारतीय रेलवे अब सिर्फ यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि वह तेज़, आरामदायक और आधुनिक यात्रा अनुभव देने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और नई पीढ़ी की अमृत भारत एक्सप्रेस को देश के विभिन्न रूट्स पर शुरू किया गया है। शानदार डिजाइन, तेज रफ्तार और प्रीमियम सुविधाओं के चलते ये ट्रेनें यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही हैं।
हालांकि, इन ट्रेनों में सफर करने से पहले एक बेहद जरूरी बात जानना हर यात्री के लिए जरूरी है। इन ट्रेनों का टिकट कैंसिलेशन सिस्टम सामान्य मेल-एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों से काफी अलग और सख्त है। अगर समय रहते नियम नहीं समझे, तो यात्रियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
क्यों अलग हैं वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत के नियम?
रेल मंत्रालय के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत-II ट्रेनों में यात्रियों को कन्फर्म बर्थ की गारंटी दी जाती है। यानी इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट या आरएसी की समस्या लगभग नहीं होती। इसी वजह से रेलवे चाहता है कि आखिरी समय में टिकट कैंसिल होने से सीटें खाली न जाएं। रेलवे को होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई के लिए इन ट्रेनों के टिकट कैंसिलेशन चार्ज ज्यादा रखे गए हैं।
72 घंटे पहले कैंसिल किया टिकट, तब भी कटेगा पैसा
अगर आप वंदे भारत स्लीपर या अमृत भारत ट्रेन का टिकट ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे पहले कैंसिल करते हैं, तो भी आपको पूरा पैसा वापस नहीं मिलेगा।
रेलवे इस स्थिति में टिकट राशि का 25 प्रतिशत कैंसिलेशन चार्ज के रूप में काट लेता है। यानी समय रहते टिकट कैंसिल करने पर भी एक चौथाई रकम का नुकसान तय है।
8 से 72 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर आधा पैसा जाएगा
यदि किसी कारणवश आप ट्रेन के चलने से 8 घंटे से 72 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करते हैं, तो नुकसान और ज्यादा हो जाता है।
इस स्थिति में रेलवे आपकी कुल टिकट राशि का 50 प्रतिशत काट लेता है। यानी आपकी आधी रकम सीधे चली जाती है। यह नियम उन यात्रियों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, जो अंतिम समय में यात्रा योजना बदलते हैं।
सबसे बड़ा झटका: 8 घंटे के भीतर कैंसिलेशन
सबसे सख्त नियम तब लागू होता है, जब यात्री ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 8 घंटे के भीतर टिकट कैंसिल करता है।
रेलवे के नियम बिल्कुल स्पष्ट हैं—
👉 इस समय सीमा के भीतर टिकट कैंसिल करने पर एक भी पैसा रिफंड नहीं मिलेगा।
👉 पूरी टिकट राशि जब्त कर ली जाएगी।
यानी अगर आपने आखिरी समय में यात्रा रद्द करने का फैसला लिया, तो पूरा किराया डूब सकता है।
अमृत भारत के अनारक्षित टिकटों पर राहत
हालांकि यात्रियों के लिए थोड़ी राहत की बात भी है।
रेलवे के अनुसार, अमृत भारत एक्सप्रेस के अनारक्षित टिकटों पर पुराने नियम ही लागू रहेंगे। यानी इन टिकटों पर पहले की तरह रिफंड की सुविधा मिलती रहेगी।
लेकिन अमृत भारत के आरक्षित टिकटों पर वही सख्त नियम लागू होंगे, जो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लिए तय किए गए हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
अगर आप वंदे भारत स्लीपर या अमृत भारत ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो टिकट बुक करने से पहले और कैंसिल करने से पहले इन नियमों को जरूर समझ लें।
👉 यात्रा की तारीख और योजना पूरी तरह कन्फर्म होने पर ही टिकट बुक करें।
👉 अंतिम समय में टिकट कैंसिल करने से बचें, वरना पूरा पैसा डूब सकता है।
रेलवे की ये प्रीमियम ट्रेनें सुविधाजनक जरूर हैं, लेकिन इनके टिकट नियम उतने ही सख्त भी हैं।
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