2047 के राजस्थान की नींव रख रही सरकार, उद्योग से गांव तक विकास का नया ब्लूप्रिंट तैयार

Rajasthan Development Vision: नई औद्योगिक नीति से निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

Rajasthan Development Vision: राज्य सरकार ने राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी है। इस नीति का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। सरकार का फोकस पर्यावरण अनुकूल उद्योगों, अक्षय ऊर्जा और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर रहेगा।

नई नीति के तहत सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी, पर्यटन, एग्रो प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा एमएसएमई और निर्यात आधारित उद्योगों को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

गांवों के विकास के लिए तैयार होगा स्थायी रोडमैप

मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान के तहत प्रदेशभर से लोगों के सुझाव जुटाने के बाद ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार किए गए हैं। सरकार ने इन योजनाओं के अनुमोदन के लिए 26 मई को सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन का निर्णय लिया है।

सरकार का मानना है कि स्थानीय जरूरतों और जन अपेक्षाओं के आधार पर तैयार किए गए ये मास्टर प्लान भविष्य में गांवों के संतुलित और योजनाबद्ध विकास की मजबूत नींव साबित होंगे।

जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की तैयारी

गंगा दशमी से विश्व पर्यावरण दिवस तक चलने वाले वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान को लेकर भी विस्तृत रणनीति तैयार की गई है। अभियान के दौरान जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान, जल चौपाल, किसान संगोष्ठी और सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर रहेगा।

अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले भामाशाहों, संस्थाओं, पंचायतों और जल योद्धाओं को ‘जल गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभागीदारी आधारित आंदोलन बनाना है।

बिजली और पेयजल आपूर्ति पर सरकार की विशेष नजर

भीषण गर्मी को देखते हुए मंत्रिपरिषद ने पेयजल और बिजली आपूर्ति की समीक्षा की। सरकार के अनुसार इस वर्ष राज्य में बिजली की उपलब्धता मांग से अधिक रही है। मई माह में अधिकतम मांग 16,487 मेगावाट दर्ज की गई जबकि उपलब्धता 16,580 मेगावाट रही।

सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में बिजली और पेयजल व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। हेल्पलाइन 181 पर दर्ज शिकायतों का 24 घंटे में समाधान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

पेंशनर्स और दिव्यांगजनों को मिली बड़ी राहत

राज्य सरकार ने पेंशन नियमों में संशोधन करते हुए विशेष योग्यजन बच्चों के लिए स्थायी विकलांगता प्रमाण पत्र बार-बार जमा करने की बाध्यता समाप्त कर दी है। वहीं पेंशनर्स अब फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए मोबाइल एप से जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे।

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औद्योगिक और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को मिली मंजूरी

मंत्रिमंडल ने जैसलमेर में सीमेंट उद्योग और रेलवे कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी है। इसके साथ ही जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में कई अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भी भूमि आवंटन स्वीकृत किया गया है।

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सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा, राजस्व में वृद्धि होगी और राजस्थान की औद्योगिक तथा ऊर्जा क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।

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