मुंबई एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा: एअर इंडिया और इंडिगो विमानों के विंग्स आपस में टकराए
Mumbai airport plane collision: टैक्सीवे पर हुआ हादसा, सभी यात्री सुरक्षित, DGCA ने शुरू की जांच
मुंबई। Mumbai airport plane collision | छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार, 3 फरवरी को एक गंभीर विमान हादसा होते-होते टल गया। रनवे के पास टैक्सीवे पर एअर इंडिया और इंडिगो की दो उड़ानों के पंखों के सिरे (विंगटिप्स) आपस में टकरा गए। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को चोट नहीं आई और सभी लोग सुरक्षित हैं।
यह घटना उस समय हुई जब एक विमान उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था, जबकि दूसरा विमान लैंडिंग के बाद टैक्सी कर रहा था। हालांकि टक्कर से विमान को नुकसान पहुंचा है, लेकिन समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
टैक्सीवे पर कैसे हुई टक्कर?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एअर इंडिया की फ्लाइट AI 2732, जो मुंबई से कोयंबटूर के लिए रवाना होने वाली थी, टैक्सीवे पर टेकऑफ की अनुमति का इंतजार कर रही थी। उसी दौरान हैदराबाद से मुंबई आई इंडिगो की फ्लाइट 6E 791 लैंडिंग के बाद टैक्सी कर रही थी।
इसी दौरान टैक्सीवे पर दोनों विमानों की दूरी कम हो गई और उनके पंखों के सिरे आपस में रगड़ गए। इस टक्कर में एअर इंडिया के विमान के विंगटिप को नुकसान पहुंचा है। हालांकि टक्कर की तीव्रता कम थी, जिससे यात्रियों को कोई शारीरिक नुकसान नहीं हुआ।
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यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट अधिकारियों और एयरलाइंस ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तेजी से कार्रवाई की। एअर इंडिया के विमान को एहतियातन आगे की उड़ान के लिए रोक दिया गया और यात्रियों को सुरक्षित तरीके से विमान से उतारा गया।
एयरपोर्ट पर मौजूद ग्राउंड स्टाफ और सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को नियंत्रित किया, जिससे एयर ट्रैफिक पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा।
एअर इंडिया और इंडिगो का आधिकारिक बयान
एअर इंडिया के प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा,
“एहतियात के तौर पर संबंधित विमान को तकनीकी जांच के लिए रोक दिया गया है। सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया है और उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है।”
वहीं, इंडिगो एयरलाइंस ने भी एक आधिकारिक बयान में कहा,
“यह घटना टैक्सीवे पर हुई। सभी आवश्यक प्रोटोकॉल के तहत संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और विमान की तकनीकी जांच की जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
DGCA और नियामक एजेंसियों ने शुरू की जांच
इस घटना की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और अन्य संबंधित नियामक संस्थाओं को दे दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह टक्कर मानवीय चूक, ग्राउंड मूवमेंट कंट्रोल, कम्युनिकेशन गैप या सिग्नलिंग की त्रुटि के कारण हुई।
DGCA यह भी जांच कर रहा है कि टैक्सीवे पर विमानों के मूवमेंट के दौरान निर्धारित सुरक्षा दूरी और मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।
विमानन सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
हाल के वर्षों में भारतीय हवाई अड्डों पर विमान यातायात में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में टैक्सीवे और रनवे पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम की समीक्षा की आवश्यकता को दर्शाती हैं।
हालांकि इस घटना में किसी की जान को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन यह स्पष्ट संकेत है कि ग्राउंड ऑपरेशंस में जरा सी चूक भी गंभीर परिणाम ला सकती है।
मुंबई एयरपोर्ट पर हुआ यह हादसा भले ही बड़ा नहीं बना, लेकिन इसने विमानन सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। DGCA की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गलती कहां हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं से कैसे बचा जा सकता है।
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