Haryana Self-Census Initiative: सोनीपत से शुरू हुई ‘सेल्फ जनगणना’ क्रांति, घर-घर डिजिटल डेटा से बदलेगा हरियाणा का विकास मॉडल
हरियाणा में जनगणना को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है, जहां बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने सोनीपत स्थित अपने घर से स्व-जनगणना की शुरुआत कर नागरिकों को प्रेरित किया। यह अभियान न केवल समय की बचत करेगा बल्कि भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक डेटा तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
Haryana Self-Census Initiative: हरियाणा में जनगणना प्रक्रिया को आधुनिक और तकनीकी रूप देने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने इस अभियान की शुरुआत सोनीपत स्थित अपने आवास से करते हुए एक नया संदेश दिया है अब जनगणना (Haryana Self-Census Initiative) सिर्फ सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी से संचालित अभियान बनेगी।
उन्होंने खुद स्व-जनगणना प्रक्रिया (Haryana Self-Census Initiative) में भाग लेकर यह दिखाया कि कैसे आम नागरिक भी मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के जरिए घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह कदम डिजिटल युग में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
दो चरणों में पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया
राज्य में जनगणना (Haryana Self-Census Initiative) को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें मकानों की गणना और सूचीकरण किया जाएगा। इससे पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-जनगणना की सुविधा दी गई है, ताकि नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकें।
इस पहल से न केवल सरकारी कर्मचारियों का बोझ कम होगा, बल्कि डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी। नागरिकों द्वारा स्वयं दी गई जानकारी अधिक विश्वसनीय मानी जा रही है, जिससे भविष्य की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।
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‘डिजिटल इंडिया’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल केंद्र सरकार के Digital India मिशन के तहत डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। डिजिटल माध्यम से डेटा एकत्रित करने से पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना आसान होगा। इसके साथ ही ‘ईज ऑफ लिविंग’ की अवधारणा को भी मजबूती मिलेगी, क्योंकि नागरिकों को अब लंबी प्रक्रियाओं से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। घर बैठे जानकारी दर्ज करने की सुविधा लोगों के समय और संसाधनों दोनों की बचत करेगी।
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जनभागीदारी से बनेगा सटीक डेटा सिस्टम
मोहन लाल बड़ौली ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सही व पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी कहा कि वे इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं और लोगों को इसके महत्व के बारे में जागरूक करें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक मजबूत और व्यवस्थित डेटा प्रणाली तैयार करना है, जो भविष्य में सरकारी नीतियों और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विकास की नई दिशा की ओर संकेत
हरियाणा में शुरू हुई यह स्व-जनगणना (Haryana Self-Census Initiative) पहल सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शासन प्रणाली में बदलाव का संकेत है। यह मॉडल आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। यदि यह अभियान सफल रहता है, तो यह न केवल डेटा संग्रहण के तरीके को बदलेगा, बल्कि नागरिकों और सरकार के बीच विश्वास को भी मजबूत करेगा।




