AI ब्राउजर की जंग शुरू! Google का Disco देगा ChatGPT Atlas को सीधी चुनौती, जानें क्या है खास
Google Disco AI Browser: Google लाया Disco ब्राउजर, ChatGPT Atlas को देगा सीधी टक्कर
Google Disco AI Browser: Google ने Disco नाम का नया एक्सपेरिमेंटल AI-centric ब्राउजर लॉन्च कर दिया है, जो सीधे तौर पर ChatGPT Atlas को चुनौती देता नजर आ रहा है। यह ब्राउजर पारंपरिक वेब ब्राउजिंग से अलग सोच के साथ तैयार किया गया है, जहां AI सिर्फ फीचर नहीं बल्कि ब्राउजर की बुनियाद है।
Google Disco फिलहाल macOS यूजर्स के लिए वेटलिस्ट के जरिए उपलब्ध कराया गया है। कंपनी का दावा है कि यह ब्राउजर यूजर की ब्राउजिंग एक्टिविटी को समझकर AI-generated web apps खुद तैयार करता है।
Google Disco क्या है और क्यों है खास?
Google Disco को एक AI-first browser के तौर पर डिजाइन किया गया है। जहां दूसरे ब्राउजर्स में AI एक एक्स्ट्रा लेयर के रूप में जुड़ा होता है, वहीं Disco में AI हर लेवल पर मौजूद है।
OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन पहले ही कह चुके हैं कि ChatGPT Atlas Chrome के दबदबे को खत्म कर सकता है। ऐसे में Google ने Disco के जरिए ब्राउजर एक्सपीरियंस को ही नए सिरे से परिभाषित करने की कोशिश की है।
GenTabs फीचर: Disco की सबसे बड़ी ताकत
Google Disco का सबसे पावरफुल फीचर है GenTabs, जो Gemini 3 AI मॉडल पर काम करता है।
GenTabs क्या करता है?
- खुले हुए टैब्स को एनालाइज करता है
- उन्हें इंटरैक्टिव AI ऐप्स में बदल देता है
उदाहरण:
- ट्रैवल रिसर्च → खुद-ब-खुद ट्रिप प्लानर (मैप + आइटिनरी)
- स्टडी या रिसर्च → विजुअल लर्निंग टूल्स
- मील प्लानिंग → रेसिपी + शॉपिंग लिस्ट ऐप
यानी यूजर जो भी सर्च कर रहा है, Disco उसी पर आधारित स्मार्ट ऐप तैयार कर देता है।
🔍 ChatGPT Atlas, Comet और Edge से कितना अलग है Disco?
| ब्राउजर | AI का रोल |
|---|---|
| ChatGPT Atlas | AI चैट पैनल + एजेंट टास्क |
| Perplexity Comet | AI-powered सर्च |
| Microsoft Edge (Copilot) | AI असिस्टेंट |
| Google Disco | AI-generated ऐप्स ही ब्राउजर का आधार |
Disco में यूजर Natural Language Commands से ऐप्स को कस्टमाइज कर सकता है और हर आउटपुट ओरिजिनल सोर्स से लिंक रहता है, जिससे ट्रांसपेरेंसी बनी रहती है।
कैसे कर सकते हैं Google Disco का इस्तेमाल?
- फिलहाल सिर्फ macOS यूजर्स के लिए
- Waitlist आधारित एक्सेस
- Google इसे एक Discovery Vehicle बता रहा है
कंपनी का कहना है कि Disco में टेस्ट किए गए फीचर्स भविष्य में Chrome या अन्य Google प्रोडक्ट्स का हिस्सा बन सकते हैं।
हालांकि Google Labs के कई प्रोजेक्ट्स पहले बंद हो चुके हैं, इसलिए Disco की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी पर सवाल जरूर हैं।
AI ब्राउजर की जंग अब नए स्तर पर
Google Disco के लॉन्च से साफ है कि AI Browser War अब सिर्फ चैटबॉट तक सीमित नहीं रही। Google अब ब्राउजिंग को पूरी तरह AI-driven बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या Disco वाकई Chrome का भविष्य बनेगा या यह भी Google Labs का एक एक्सपेरिमेंट बनकर रह जाएगा।




