संस्कारम विश्वविद्यालय में रंगों की बौछार: “होली के रंग – संस्कारम के संग” बना एकता और समरसता का प्रतीक

Sanskaram University Holi Celebration: रंग, संगीत और उत्सव का अनूठा संगम

संस्कारम विश्वविद्यालय परिसर में “होली के रंग – संस्कारम के संग” थीम पर भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच आपसी सौहार्द, सहयोग और उत्साह को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

पूरा परिसर रंग-बिरंगे गुलाल, मधुर संगीत और उल्लासपूर्ण वातावरण से सराबोर नजर आया। प्रांगण में जैसे ही होली के गीत गूंजे, हर चेहरा खुशी और उत्साह से खिल उठा।

पारंपरिक शुभारंभ और रंगों की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से हुई। सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। इसके बाद लाइव बैंड की शानदार प्रस्तुति ने माहौल को और भी रोमांचक बना दिया।

होली के लोकप्रिय गीतों पर विद्यार्थी और फैकल्टी सदस्य झूम उठे। रंगों के साथ संगीत की धुनों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।

“संस्कार और समरसता का पर्व है होली” – डॉ. महिपाल

इस अवसर पर संस्कारम विश्वविद्यालय के चांसलर Dr Mahipal ने सभी को होली की शुभकामनाएँ दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि होली भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जो रंगों के माध्यम से दिलों को जोड़ता है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान अर्जन का केंद्र नहीं होते, बल्कि संस्कार, सहयोग और सामूहिकता की भावना को मजबूत करने का भी माध्यम होते हैं। ऐसे आयोजन आपसी सामंजस्य, सकारात्मक ऊर्जा और सौहार्दपूर्ण वातावरण को बढ़ावा देते हैं।

डॉ. महिपाल ने यह भी कहा कि जब शिक्षक और कर्मचारी एक परिवार की तरह मिलकर त्योहार मनाते हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव विद्यार्थियों और शैक्षणिक वातावरण पर भी पड़ता है।

“एकता और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व” – प्रो. गुरुदयाल सिंह

विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर Prof Gurudayal Singh ने अपने संदेश में कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा को सुदृढ़ करने का पर्व है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार का प्रत्येक सदस्य संस्थान की ताकत है। ऐसे आयोजनों से आपसी संबंध और अधिक मजबूत होते हैं। प्रो. सिंह ने सभी को सुरक्षित और आनंदमय होली मनाने की शुभकामनाएँ भी दीं।

Sanskaram University Holi Celebration
संस्कारम विश्वविद्यालय में रंगों की बौछार

लाइव बैंड और डिनर पार्टी बना आकर्षण

कार्यक्रम में लाइव बैंड की मनमोहक प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। संगीत की धुनों पर सभी ने जमकर नृत्य किया।

संस्कारम ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में डिनर पार्टी की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। रंगों के साथ-साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेते हुए सभी ने शाम को और भी खास बना दिया।

विदेशी विद्यार्थियों ने भी खेली पारंपरिक होली

इस समारोह की खास बात यह रही कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने पारंपरिक अंदाज में गुलाल लगाकर और होली गीतों पर थिरकते हुए भारतीय संस्कृति के इस रंगोत्सव का आनंद लिया।

यह दृश्य अत्यंत मनोहारी था, जब पाश्चात्य संस्कृति भी भारतीय रंगों में रंगी नजर आई। विदेशी विद्यार्थियों ने कहा कि होली जैसा उल्लासपूर्ण और आत्मीयता से भरा त्योहार विश्व में विरला है।

यह आयोजन सांस्कृतिक समन्वय और वैश्विक एकता का जीवंत उदाहरण बन गया, जहाँ सीमाएँ नहीं बल्कि रंगों ने दिलों को जोड़ा।

एकता और सकारात्मक सोच का संदेश

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी सदस्यों ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि “होली के रंग – संस्कारम के संग” वास्तव में विश्वविद्यालय परिवार की एकता और सकारात्मक सोच का प्रतीक है।

पूरा परिसर हंसी-खुशी, संगीत और रंगों की फुहार से गूंजता रहा। फैकल्टी और स्टाफ ने एक-दूसरे के साथ हर्षोल्लास से होली खेलते हुए प्रेम और एकता का संदेश दिया।

संस्कारम विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह समारोह केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आपसी संबंधों को सुदृढ़ करने और संस्थागत संस्कृति को मजबूत बनाने का माध्यम भी बना।

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