राजस्थान

गिव अप अभियान बना सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल, 54 लाख से अधिक संपन्न लोगों ने छोड़ी खाद्य सुरक्षा

राजस्थान में चल रहा गिव अप अभियान न केवल एक सरकारी पहल बनकर उभरा है, बल्कि यह सामाजिक सरोकार, त्याग और जिम्मेदारी की भावना का सशक्त उदाहरण भी साबित हुआ है।

Give Up Campaign Rajasthanराजस्थान में चल रहा गिव अप अभियान न केवल एक सरकारी पहल बनकर उभरा है, बल्कि यह सामाजिक सरोकार, त्याग और जिम्मेदारी की भावना का सशक्त उदाहरण भी साबित हुआ है। सुमित गोदारा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, ने सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अभियान की उपलब्धियों और विभागीय प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की।

54 लाख से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से छोड़ी खाद्य सुरक्षा

मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि 1 नवंबर 2024 से शुरू हुए गिव अप अभियान के तहत प्रदेशभर में अब तक 54.36 लाख से अधिक संपन्न नागरिकों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटवाया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि प्रदेश की जनता में जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना कितनी मजबूत है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि 28 फरवरी को अभियान की अवधि समाप्त होने के बाद जो अपात्र व्यक्ति स्वेच्छा से गिव अप नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री के विजन से मिली दिशा

मंत्री गोदारा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कहा है कि खाद्य सुरक्षा संतृप्ति अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे
इसी विजन को आधार बनाकर और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसे प्रदेश की जनता से व्यापक समर्थन मिला है।

81 लाख रिक्तियों से मिली जरूरतमंदों को राहत

मंत्री ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राजस्थान में 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीलिंग निर्धारित थी, जिसके कारण नए पात्र लाभार्थियों को सूची में शामिल करने में कठिनाई आ रही थी।
गिव अप अभियान के अंतर्गत अपात्रों द्वारा स्वेच्छा से नाम हटाने और लगभग 27 लाख लाभार्थियों द्वारा ई-केवाईसी नहीं करवाने से कुल 81 लाख रिक्तियां बनीं। यह संख्या वर्तमान लाभार्थियों का लगभग 18.6 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री द्वारा 26 जनवरी को खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुनः शुरू किए जाने के बाद अब तक करीब 73 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है।

गिव अप अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि हाल ही में आयोजित 32वीं उत्तर क्षेत्रीय परिषद बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान में संचालित गिव अप अभियान की सराहना की। यह राज्य के लिए गर्व का विषय है कि उसकी पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।

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जयपुर रहा शीर्ष पर, बाड़मेर और सीकर दूसरे-तीसरे स्थान पर

गिव अप अभियान के बाद नए पात्रों को जोड़ने में जयपुर जिला पहले स्थान पर रहा, जहां 3.17 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया।
इसके बाद बाड़मेर में 3.07 लाख और सीकर में 3.04 लाख पात्र लाभार्थियों को एनएफएसए से जोड़ा गया।

एनएफएसए में रिक्तियों वाला देश का एकमात्र राज्य

मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में 4.35 करोड़ लाभार्थी खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल हैं और अभी भी लगभग 11 लाख रिक्तियां मौजूद हैं। इस स्थिति को प्राप्त करने वाला राजस्थान देश का एकमात्र राज्य है।
फिलहाल खाद्य सुरक्षा में शामिल होने के लिए प्राप्त आवेदनों में से केवल 90 हजार आवेदन लंबित हैं।

पात्रता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि विभागीय अधिकारी हर महीने 8 दिन फील्ड विजिट कर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिले।
आवेदनों की त्रिस्तरीय जांच की जा रही है और जिला कलेक्टरों को वंचित पात्रों को एनएफएसए में जोड़ने के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनी है।

तीन जिलों में खुलेंगे अनाज एटीएम

मंत्री गोदारा ने बताया कि जल्द ही जयपुर, बीकानेर और भरतपुर जिलों में अनाज एटीएम शुरू किए जाएंगे। इन एटीएम के माध्यम से लाभार्थी अपने राशन कार्ड का उपयोग कर बिना उचित मूल्य दुकान गए सीधे राशन प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था खाद्य वितरण प्रणाली को और अधिक आधुनिक व सुविधाजनक बनाएगी।

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