CM Residence Holi Celebration: मुख्यमंत्री निवास पर रंगों की बहार | भजनलाल शर्मा संग प्रदेशवासियों ने खेली फूलों की होली
ब्रज से शेखावाटी तक की सांस्कृतिक झलक एक मंच पर, कलाकारों की प्रस्तुति और हजारों लोगों की मौजूदगी में दिखा रंगोत्सव का उल्लास
मुख्यमंत्री निवास बना रंगों का संगम
CM Residence Holi Celebration: राजधानी जयपुर में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित होली महोत्सव में उत्साह और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने आमजन के साथ हर्षोल्लास से होली मनाई और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
इस विशेष आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों लोग शामिल हुए। फूलों और प्राकृतिक रंगों के साथ मनाए गए इस उत्सव ने पारंपरिक होली की छटा बिखेर दी। मुख्यमंत्री ने सपत्नीक उपस्थित जनसमूह को गुलाल लगाकर आत्मीय स्वागत किया और फूलों की वर्षा कर सभी का अभिनंदन किया।
ब्रज से शेखावाटी तक की संस्कृति एक मंच पर
होली महोत्सव की खास बात यह रही कि एक ही छत के नीचे राजस्थान की विविध सांस्कृतिक झलकियां देखने को मिलीं। ब्रज क्षेत्र से आए कलाकारों ने पारंपरिक फाग और भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भारतीय कला संस्थान की मंडली ने गायन और नृत्य से माहौल को भक्तिमय और रंगीन बना दिया।
वहीं, शेखावाटी के फतेहपुर से आई ‘गो वत्स फाग मंडली’ ने चंग की थाप पर धमाल मचा दिया। फाल्गुन के गीतों की गूंज से पूरा परिसर झूम उठा। इस दौरान मुख्यमंत्री स्वयं कलाकारों के बीच पहुंचे और गीतों में ताल मिलाकर उत्सव का आनंद लिया।

आमजन में दिखा खास उत्साह
कार्यक्रम में हर आयु वर्ग के लोग नजर आए। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा—सभी में मुख्यमंत्री के साथ होली खेलने का उत्साह साफ झलक रहा था।
किसी ने मुख्यमंत्री को साफा और दुपट्टा पहनाया, तो किसी ने अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दीं। कई लोगों ने अपने हाथों से बनाई पिचकारी और गुलाल गोटा भी भेंट किया। यह आत्मीयता और अपनत्व का अनोखा दृश्य था।
मुख्यमंत्री ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से कटुता भुलाकर खुशियों के साथ जीवन जीने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
जनप्रतिनिधियों और आमजन की बड़ी मौजूदगी
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही राज्यसभा सांसद, विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि और विभिन्न जिलों से आए नागरिकों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
जैसलमेर से धौलपुर और हनुमानगढ़ से बांसवाड़ा तक, प्रदेश के कोने-कोने से आए लोगों ने इस उत्सव में भाग लेकर इसे यादगार बना दिया।
फूलों और प्राकृतिक रंगों से सजी होली
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण के प्रति सजगता भी देखने को मिली। यहां रासायनिक रंगों के बजाय फूलों और प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया गया। इससे उत्सव की सुंदरता के साथ-साथ स्वास्थ्य और पर्यावरण का भी ध्यान रखा गया।
संगीत, नृत्य और पारंपरिक परिधानों से सजे इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि आधुनिकता के बीच भी सांस्कृतिक जड़ों को सहेजकर रखा जा सकता है।
जयपुर में आयोजित यह होली महोत्सव केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बनकर सामने आया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की आमजन के साथ सहभागिता ने कार्यक्रम को और खास बना दिया।
रंगों, फूलों और फाग के सुरों से सजा यह आयोजन लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।




