कोटा में माँ–बेटी की दर्दनाक हत्या… 48 घंटे बाद जो सच सामने आया, उसने सबको हिला दिया!
Kota Double Murder Case: कोटा डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी: माँ–बेटी की बेरहमी से हत्या, पैसे के लेनदेन में रची गई खौफनाक साजिश
48 घंटे में खुलासा: दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
Kota Double Murder Case : राजस्थान के कोटा शहर में 7 नवंबर को हुए सनसनीखेज मां-बेटी डबल मर्डर केस की गुत्थी पुलिस ने महज 48 घंटे में सुलझा दी है। आरकेपुरम थाना क्षेत्र के रोजड़ी इलाके में हुई इस वारदात ने पूरे शहर को दहला दिया था। पुलिस ने दो आरोपियों—प्रदीप वैष्णव (30) और भरत सहरिया (23) को मुकुंदरा के जंगलों से गिरफ्तार कर लिया है। एक तीसरा आरोपी राजू उर्फ मामू अभी भी फरार है।
कैसे हुआ था मर्डर? घर में घुसकर गला घोंटा
7 नवंबर की सुबह नर्सिंग कर्मचारी की पत्नी ज्योति वैष्णव और उनकी बेटी पलक वैष्णव घर में मृत मिलीं। दोनों की गला घोंटकर हत्या की गई थी। सूचना पर एसपी तेजस्वनी गौतम, एएसपी नियति शर्मा और डीएसपी योगेश शर्मा तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।
FSL, डॉग स्क्वॉड और M.O.B टीमों ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए।
16 टीमें, CCTV विश्लेषण और 48 घंटे की दौड़धूप
डबल मर्डर की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जिला स्तर पर 16 टीमों का गठन किया। इन टीमों ने—
- इलाके के CCTV फुटेज खंगाले
- तकनीकी साक्ष्य जुटाए
- पूर्व अपराधियों से पूछताछ की
- परिवार और परिचितों से गहन पूछताछ की
आखिरकार मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को मुकुंदरा के जंगलों से दबोच लिया।
उधार के ₹60,000 बने खून की वजह
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रदीप वैष्णव मृतका ज्योति को पिछले कई वर्षों से जानता था। उसने ज्योति को ₹60,000 उधार दिए थे, जिसे वह वापस नहीं कर पा रही थी।
इसी विवाद के चलते प्रदीप ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
- 6 नवंबर को भी उसने ज्योति को मारने की कोशिश की लेकिन मौका नहीं मिला
- 7 नवंबर को ज्योति के पति के निकलते ही आरोपी घर में घुस गए
- रसोई में ज्योति का गला चुन्नी से घोंट दिया
- तभी स्कूल से लौटी बेटी पलक ने घटना देख ली
- पलक के चिल्लाने पर उसका भी गला दबाकर हत्या कर दी
हत्या को लूट का रूप देने के लिए आरोपी घर से मंगलसूत्र, टॉप्स और अलमारी से सामान ले गए।
“जनता में विश्वास, अपराधियों में भय” — राजस्थान पुलिस
एसपी तेजस्वनी गौतम ने त्वरित कार्रवाई पर टीम की सराहना की और कहा कि यह गिरफ्तारी पुलिस के ध्येय—
“आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय”
को फिर साबित करती है।




