क्या सच में ब्लैक कॉफी पिघलाती है चर्बी? दूध वाली कॉफी के मुकाबले क्यों मानी जाती है ज्यादा फायदेमंद
Black Coffee for Weight Loss: सुबह की सुस्ती हो, ऑफिस का स्ट्रेस या वर्कआउट से पहले एनर्जी चाहिए—कॉफी आज की लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुकी है। ज्यादातर लोग दूध और चीनी वाली कॉफी पीना पसंद करते हैं, लेकिन हेल्थ और फिटनेस को लेकर जागरूक लोग अब तेजी से ब्लैक कॉफी की ओर रुख कर रहे हैं।
ऐसे में सवाल उठता है—क्या वाकई ब्लैक कॉफी पेट की चर्बी कम करने में मदद करती है? और क्या यह दूध वाली कॉफी से ज्यादा फायदेमंद है? आइए जानते हैं इसके पीछे का पूरा सच।
ब्लैक कॉफी और दूध वाली कॉफी में क्या है फर्क?
दूध वाली कॉफी में दूध, चीनी और कभी-कभी क्रीम मिलाई जाती है, जिससे इसकी कैलोरी और फैट काफी बढ़ जाता है। वहीं, ब्लैक कॉफी सिर्फ कॉफी बीन्स और पानी से बनती है, जिसमें न के बराबर कैलोरी होती है।
यही वजह है कि वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोग ब्लैक कॉफी को ज्यादा बेहतर विकल्प मानते हैं।
कैलोरी इनटेक कम करने में कैसे मदद करती है ब्लैक कॉफी?
ब्लैक कॉफी में लगभग 2–5 कैलोरी ही होती हैं, जबकि दूध और चीनी वाली कॉफी में 100–150 कैलोरी तक हो सकती हैं। अगर आप दिन में 2–3 कप दूध वाली कॉफी पीते हैं, तो सिर्फ इसे ब्लैक कॉफी से बदलने पर ही आपकी रोजाना कैलोरी काफी हद तक कम हो सकती है।
कम कैलोरी इनटेक का सीधा असर वजन घटाने पर पड़ता है और धीरे-धीरे शरीर की चर्बी कम होने लगती है।
क्या ब्लैक कॉफी फैट बर्न करने में मदद करती है?
ब्लैक कॉफी में मौजूद कैफीन मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। तेज मेटाबॉलिज्म का मतलब है कि शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करता है। यही वजह है कि कई लोग वर्कआउट से पहले ब्लैक कॉफी पीते हैं, ताकि फैट बर्निंग प्रोसेस बेहतर हो सके।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सिर्फ ब्लैक कॉफी पीने से वजन अपने आप कम नहीं होगा। सही डाइट और नियमित एक्सरसाइज इसके साथ जरूरी हैं।
ब्लड शुगर और इंसुलिन पर असर
दूध और चीनी वाली कॉफी ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकती है, जिससे थोड़ी देर बाद थकान और सुस्ती महसूस होती है। इसके उलट, ब्लैक कॉफी ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करती है।
स्टडीज़ के मुताबिक, ब्लैक कॉफी इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बना सकती है, जो प्री-डायबिटीज या टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में सहायक है।
पाचन क्रिया पर क्या असर डालती है ब्लैक कॉफी?
ब्लैक कॉफी पेट में गैस्ट्रिक एसिड के स्राव को बढ़ाती है, जिससे खाना जल्दी पचता है। यह कब्ज और भारीपन की समस्या में भी राहत दे सकती है।
लेकिन जिन लोगों को एसिडिटी, गैस या अल्सर की समस्या रहती है, उन्हें इसे खाली पेट पीने से बचना चाहिए। ऐसे लोग नाश्ते के बाद या हल्के भोजन के साथ ब्लैक कॉफी लें।
किन लोगों को ब्लैक कॉफी से परहेज करना चाहिए?
हालांकि ब्लैक कॉफी कई फायदे देती है, लेकिन यह हर किसी के लिए नहीं होती।
इन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए—
- जिन्हें घबराहट (Anxiety) की समस्या हो
- एसिडिटी या गैस्ट्राइटिस से परेशान लोग
- जिन्हें नींद न आने (Insomnia) की शिकायत रहती हो
- हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग (डॉक्टर की सलाह जरूरी)
दिन में कितनी ब्लैक कॉफी पीना सही है?
एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिन में 1 से 2 कप ब्लैक कॉफी पर्याप्त मानी जाती है। इसे देर शाम या रात में पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे नींद प्रभावित हो सकती है।
ब्लैक कॉफी वजन घटाने में सहायक जरूर हो सकती है, लेकिन इसे कोई जादुई ड्रिंक समझना गलत होगा। सही मात्रा, सही समय और संतुलित जीवनशैली के साथ इसका सेवन करने पर ही इसका पूरा लाभ मिलता है।
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