Bhilwara Patwari Bribe: राजस्थान में सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने का एक और मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की भीलवाड़ा-प्रथम इकाई ने शनिवार को चिलेश्वर पटवार हल्के में तैनात पटवारी लोकेश जोशी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर आरोप है कि उसने एक परिवार के फौतगी नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया पूरी करने के बदले हजारों रुपये की रिश्वत मांगी थी।
पिता की मौत के बाद शुरू हुई रिश्वत की मांग
परिवादी ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता के निधन के बाद परिवार के सदस्यों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में फौतगी नामांतरण दर्ज करवाना था। इसके लिए उसने संबंधित पटवारी से संपर्क किया। आरोप है कि पटवारी ने इस वैधानिक प्रक्रिया को पूरा करने के बदले पहले 10 हजार रुपये की मांग की।
परिवादी द्वारा आर्थिक स्थिति का हवाला देने और अनुरोध करने पर आरोपी 8 हजार रुपये लेने के लिए तैयार हो गया। शिकायत के अनुसार 20 जून 2026 को वह पहले ही 5 हजार रुपये ले चुका था, जबकि शेष राशि के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
सत्यापन के बाद ट्रैप कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। आरोपी ने परिवादी से एक हजार रुपये तत्काल लेने और बाकी एक हजार रुपये बाद में लेने की सहमति जताई।
शनिवार 27 जून 2026 को एसीबी की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ने परिवादी से 1000 रुपये लेकर अपनी पहनी हुई लोअर की जेब में रखे, टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।
अजमेर रेंज की निगरानी में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक नारायण टोगस के सुपरवीजन में की गई। भीलवाड़ा-प्रथम इकाई के उप अधीक्षक पारसमल के नेतृत्व में ट्रैप टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच एजेंसी अब यह भी पता लगाएगी कि आरोपी ने इससे पहले भी इस तरह के मामलों में रिश्वत ली है या नहीं। साथ ही जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।
एसीबी ने लोगों से की अपील
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी वैध कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तुरंत एसीबी की हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर दें। ब्यूरो का कहना है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

