Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और कीमती सामान से जुड़े कथित गड़बड़ी मामले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रविवार को एक साथ उनके घरों पर छापेमारी कर मामले की जांच को नई दिशा दे दी। इस कार्रवाई (Ram Mandir Donation Scam) का उद्देश्य केवल दस्तावेज जुटाना ही नहीं, बल्कि आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों, संपत्ति और संभावित नेटवर्क की भी गहराई से जांच करना है।
स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
पुलिस टीम स्थानीय मजिस्ट्रेट के साथ सभी नामजद आरोपियों के घर पहुंची। इस दौरान घरों की तलाशी ली गई और कई अहम दस्तावेजों की जांच की गई। अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर आरोपियों की पृष्ठभूमि, आय के स्रोत और हाल के आर्थिक लेनदेन से जुड़ी जानकारी भी जुटाई।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस (Ram Mandir Donation Scam) ने लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव, मनीष यादव समेत सभी आठ आरोपियों के ठिकानों पर कार्रवाई की।
बैंक रिकॉर्ड और पहचान संबंधी दस्तावेज किए गए जब्त
छापेमारी (Ram Mandir Donation Scam) के दौरान मनीष यादव का बंद मकान परिजनों की मौजूदगी में खुलवाया गया। यहां से पुलिस ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। इसके अलावा अन्य आरोपियों के घरों से भी कई दस्तावेजों की जांच की गई।
पुलिस ने पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर आरोपियों की गतिविधियों और संपत्ति से जुड़ी जानकारी एकत्र की, ताकि जांच के दौरान किसी भी संभावित आर्थिक पहलू को नजरअंदाज न किया जाए।
न्यायिक हिरासत में हैं सभी आरोपी
इस मामले (Ram Mandir Donation Scam) में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को अयोध्या की अदालत ने 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। सोमवार को होने वाली पेशी के दौरान पुलिस अदालत से आरोपियों की कस्टडी रिमांड मांग सकती है, जिससे उनसे विस्तृत पूछताछ की जा सके।
जांच एजेंसियों का मानना है कि रिमांड मिलने के बाद मामले से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
79.85 लाख रुपये की बरामदगी, कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज
जांच एजेंसियां अब तक इस मामले में 79.85 लाख रुपये बरामद कर चुकी हैं। गिरफ्तार आरोपी राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और कीमती सामान की गिनती से जुड़े कार्य में तैनात थे।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति रखने, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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एसआईटी रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई एफआईआर
इस पूरे मामले (Ram Mandir Donation Scam) की शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर हुई। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के बाद एफआईआर दर्ज की गई और उसके बाद लगातार गिरफ्तारी व जांच की कार्रवाई जारी है।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
मामले (Ram Mandir Donation Scam) के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर भाजपा और आरएसएस पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, जांच एजेंसियां राजनीतिक बयानबाजी से अलग साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने की बात कह रही हैं।
अब सभी की नजर अदालत में होने वाली अगली सुनवाई और पुलिस की संभावित रिमांड पर टिकी है। माना जा रहा है कि आगे की पूछताछ से इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

