“लोगों की पसंद का विरोध करेंगे तो वोट कैसे मिलेंगे?” अमित शाह का राहुल गांधी पर सीधा हमला
Amit Shah on Rahul Gandhi: “जनता की पसंद का विरोध करेंगे तो वोट नहीं मिलेंगे” – अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो पार्टी जनता को पसंद आने वाले हर मुद्दे का विरोध करती है, उसे चुनाव में जीत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
लोकसभा बहस का जिक्र कर कसा तंज
अहमदाबाद के पास एक गांव में जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि हाल ही में लोकसभा बहस के दौरान राहुल गांधी ने उनसे पूछा था कि उनकी पार्टी हर चुनाव क्यों हारती है।
शाह ने व्यंग्य करते हुए कहा,
“राहुल बाबा, अगर आप जनता से पूछेंगे कि उन्हें क्या पसंद है, तो आपको खुद जवाब मिल जाएगा। लेकिन यह ‘सरल तर्क’ समझाना मेरी क्षमता से परे है।”
कांग्रेस ने किन मुद्दों का किया विरोध?
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने उन सभी फैसलों का विरोध किया, जिन्हें देश की जनता का समर्थन मिला, जिनमें शामिल हैं:
- राम मंदिर निर्माण
- आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक
- अनुच्छेद 370 हटाना
- समान नागरिक संहिता
- तीन तलाक विरोधी कानून
- बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई
उन्होंने सवाल किया,
“अब बताइए, अगर आप जनता की पसंद का विरोध करेंगे तो वोट कैसे मिलेंगे?”
आगामी चुनावों को लेकर भी दावा
शाह ने दावा किया कि कांग्रेस को आने वाले तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भी हार का सामना करना पड़ेगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी 2029 के लोकसभा चुनाव भी जीतेगी।
नवी वंजार में विकास कार्यों का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने नवी वंजार गांव में 173 निवासियों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (सनद) सौंपे। ये लोग 1973 की साबरमती बाढ़ के बाद विस्थापित हुए थे, लेकिन कांग्रेस शासन में उन्हें दशकों तक अधिकार नहीं मिले।
इसके साथ ही उन्होंने वेस्टर्न ट्रंक लाइन परियोजना का उद्घाटन भी किया, जिससे दक्षिण बोपाल, शेला और थलतेज जैसे इलाकों के करीब 15 लाख लोगों को सीवेज प्रबंधन में राहत मिलेगी।
Amit Shah on Rahul Gandhi बयान न सिर्फ राजनीतिक तंज है, बल्कि बीजेपी की चुनावी रणनीति का भी संकेत देता है—जनता की पसंद के साथ खड़े रहो, तभी जीत संभव है।




