Safe Mango Ripening: जयपुर में आम के सीजन के दौरान फलों को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से पकाने को बढ़ावा देने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने मुहाना मंडी में विशेष जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान चलाया। विभाग की टीम ने बाहरी राज्यों से आने वाले आम के ट्रकों की जांच की और फल व्यापारियों को Safe Mango Ripening के मानकों की जानकारी दी। अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त फल पहुंचाना तथा गैर वैज्ञानिक तरीकों के इस्तेमाल पर रोक लगाना है।
बाहरी राज्यों से आने वाले आम के ट्रकों की हुई जांच
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश पर सीएमएचओ जयपुर द्वितीय की फूड सेफ्टी टीम शनिवार सुबह मुहाना मंडी पहुंची। टीम ने हैदराबाद सहित विभिन्न राज्यों से आने वाले आम के ट्रकों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई ट्रकों की आम से भरी पेटियां खुलवाकर जांच की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फलों को पकाने के लिए किसी प्रतिबंधित या हानिकारक रसायन का उपयोग नहीं किया जा रहा है।
जांच के दौरान अधिकांश पेटियों में किसी प्रकार की रासायनिक पुड़िया या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। कुछ पेटियों में इथाईलीन रिपेनर के पाउच पाए गए, जिन पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की स्वीकृति और पंजीकरण संख्या अंकित थी।
वैज्ञानिक तरीके से फल पकाने पर दिया गया प्रशिक्षण
सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं बल्कि व्यापारियों को जागरूक करना भी है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने फल विक्रेता संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की।
बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि फलों को प्राकृतिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया के अनुरूप पकाना न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है बल्कि इससे फलों की गुणवत्ता और स्वाद भी बेहतर बना रहता है। व्यापारियों को यह भी समझाया गया कि गैर वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
फल विक्रेता संघ ने जताया सहयोग
मुहाना मंडी फल व्यापार संघ के अध्यक्ष कैलाश फाटक ने बताया कि सफेदा जैसी कुछ आम की किस्में हैदराबाद से आती हैं, जिनकी पैकिंग में अधिकृत इथाईलीन पाउच लगाए जाते हैं। इनके उपयोग के संबंध में सप्लायर द्वारा प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने विभाग के अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि फल व्यापारियों का उद्देश्य भी उपभोक्ताओं तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण फल पहुंचाना है। संघ ने खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।
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उपभोक्ताओं के हित में सतर्कता बढ़ी
खाद्य सुरक्षा विभाग का यह अभियान ऐसे समय में आयोजित किया गया है जब बाजार में आम की मांग तेजी से बढ़ रही है। विभाग का मानना है कि नियमित निरीक्षण और व्यापारियों की जागरूकता से उपभोक्ताओं को सुरक्षित फल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही बाजार में किसी भी प्रकार की अवैध या असुरक्षित प्रक्रिया पर प्रभावी नियंत्रण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी दिनों में भी विभिन्न मंडियों और थोक फल बाजारों में इसी प्रकार के निरीक्षण और जागरूकता अभियान जारी रहेंगे।
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