Rajasthan Agritech Meet: गांवों में विकास की नई रणनीति, किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने पर भाजपा का फोकस
चित्तौड़गढ़ के सिंहपुर गांव में आयोजित ग्रामीण विकास रथ यात्रा और रात्रि चौपाल कार्यक्रम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित ग्राम 2026 अभियान गांवों की तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
Rajasthan Agritech Meet: राजस्थान में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियानों के बीच चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन विधानसभा क्षेत्र का सिंहपुर गांव मंगलवार को राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। यहां आयोजित ‘ग्रामीण विकास रथ यात्रा एवं रात्रि चौपाल कार्यक्रम’ में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने किसानों, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं को भविष्य की जरूरत बताया।
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम-2026) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान खेती में आधुनिक तकनीक के उपयोग, किसानों की आय बढ़ाने और गांवों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
विकसित ग्राम 2026 को बताया बदलाव का अभियान
राजेंद्र राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित ग्राम 2026 केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसान आधुनिक खेती की तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने कहा कि खेती अब केवल परंपरागत तरीकों तक सीमित नहीं रह सकती। बदलते समय के साथ किसानों को नई तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई व्यवस्था और डिजिटल कृषि मॉडल से जोड़ना जरूरी है। यही कारण है कि सरकार गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है।

भाजपा सरकार की ग्रामीण राजनीति पर फोकस
राठौड़ ने भाजपा की डबल इंजन सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में पहली बार कृषि क्षेत्र को वैश्विक तकनीक और आधुनिक संसाधनों से जोड़ने की गंभीर पहल हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसान केवल उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें बेहतर बाजार, तकनीकी जानकारी और आर्थिक सुरक्षा भी मिले। इसके लिए कृषि आधारित कार्यक्रमों और चौपालों के माध्यम से सीधे संवाद स्थापित किया जा रहा है।
गांव-गांव पहुंच रही सरकारी योजनाएं
रात्रि चौपाल कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को कृषि उपकरणों, सिंचाई योजनाओं, फसल बीमा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सीधे संवाद और विकास कार्यक्रमों के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। खासकर किसानों और ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कृषि मॉडल से जोड़ने की कोशिश आगामी वर्षों में बड़ा राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव डाल सकती है।
कृषि को लाभ का माध्यम बनाने की कोशिश
कार्यक्रम में यह संदेश भी देने का प्रयास किया गया कि खेती को घाटे का सौदा नहीं बल्कि लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। इसके लिए तकनीकी नवाचार, सरकारी सहायता और किसानों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
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राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि यदि किसान आधुनिक सोच और नई तकनीक अपनाएंगे तो राजस्थान का ग्रामीण क्षेत्र तेजी से बदल सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से सरकार की योजनाओं का लाभ लेने और गांवों के विकास में भागीदारी निभाने की अपील की।
ग्रामीण विकास रथ यात्रा के जरिए सरकार का फोकस साफ दिखाई दे रहा है कि आने वाले समय में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विकास की मुख्य धुरी बनाया जाएगा।
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