राजस्थान

Jodhpur Abhay Command Center: तकनीक और ईमानदारी की मिसाल | जोधपुर पुलिस ने लौटाया खोया बैग और पर्स

राजस्थान के जोधपुर में अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की तकनीक और पुलिसकर्मियों की ईमानदारी ने एक बार फिर भरोसा मजबूत किया है। सीसीटीवी नेटवर्क की मदद से जहां कुछ ही घंटों में एक व्यक्ति का खोया बैग बरामद कर लिया गया, वहीं एक कांस्टेबल ने सड़क पर मिला पर्स उसके मालिक को लौटाकर खाकी की साख बढ़ाई। यह घटना पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाती है।

अभय कमांड सेंटर बना वरदान

Jodhpur Abhay Command Center: जोधपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्थापित अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। पुलिस आयुक्त शरत कविराज के निर्देशन में यह सेंटर आधुनिक तकनीक के जरिए पूरे शहर की 24 घंटे निगरानी करता है।

सीसीटीवी की मदद से कुछ ही घंटों में मिला बैग

घटना 18 अप्रैल की है, जब बालोतरा निवासी जयकिशन राजपुरोहित अपनी एसयूवी कार से शादी समारोह में जा रहे थे। देवनगर तिराहे से डीपीएस सर्किल के बीच उनकी कार की डिक्की खुल गई और सामान से भरा बैग सड़क पर गिर गया।

अभय कमांड सेंटर में तैनात पुलिस टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में पाल बालाजी मंदिर के पास बैग गिरते हुए और एक गुजराती नंबर की कार चालक द्वारा उसे उठाते हुए देखा गया। वाहन नंबर के आधार पर संपर्क कर बैग सुरक्षित वापस दिला दिया गया।

कांस्टेबल की ईमानदारी ने जीता दिल

इस तकनीकी सफलता के साथ ही पुलिस की ईमानदारी का भी एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया। सेंटर पर तैनात कांस्टेबल रूपसिंह को सड़क पर एक लावारिस पर्स मिला।

पर्स में पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन आरसी और कई बैंक कार्ड मौजूद थे। कांस्टेबल ने सूझबूझ दिखाते हुए दस्तावेजों के आधार पर मालिक महेंद्र चौधरी से संपर्क किया और पर्स सुरक्षित लौटा दिया।

पुलिस की तत्परता पर जताया आभार

दोनों मामलों में प्रभावित लोगों ने जोधपुर पुलिस और अभय कमांड सेंटर का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतनी तेजी से मदद मिलना और ईमानदारी का ऐसा उदाहरण आज के समय में दुर्लभ है।

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आमजन के लिए पुलिस की अपील

जोधपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:

  • यात्रा के दौरान वाहन नंबर जरूर नोट करें
  • ड्राइवर का मोबाइल नंबर सुरक्षित रखें
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 100/112 पर दें
  • पुलिस के व्हाट्सएप नंबर 9530440800 पर भी सूचना साझा करें यह घटना दिखाती है कि जब तकनीक और मानवीय मूल्यों का सही संयोजन होता है, तो पुलिस व्यवस्था और भी प्रभावी बन जाती है। जोधपुर पुलिस का यह प्रयास न केवल सराहनीय है, बल्कि आमजन में विश्वास भी बढ़ाता है।

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