राजस्थान

कोटपूतली में तबेले से चला गैस कारोबार: 201 सिलेंडर बरामद, अवैध एजेंसी का भंडाफोड़

राजस्थान के कोटपूतली में रसद विभाग की छापेमारी, भैंसों के तबेले से अवैध गैस भंडारण का पर्दाफाश, सुरक्षा मानकों की अनदेखी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी

Illegal Gas Agency Bust: भैंसों के तबेले में चल रही थी गैस एजेंसी

कोटपूतली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां भैंसों के तबेले में अवैध रूप से गैस एजेंसी (Illegal Gas Agency Bust) संचालित की जा रही थी। रसद विभाग की टीम ने छापा मारकर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान मौके से 200 से अधिक गैस सिलेंडर बरामद किए गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

यह कार्रवाई श्यामनगर क्षेत्र स्थित झमिला वाली ढाणी में की गई, जहां लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी।

201 सिलेंडर जब्त, भरे और खाली दोनों शामिल

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने कुल 201 गैस सिलेंडर जब्त किए। इनमें से 106 सिलेंडर भरे हुए थे, जबकि 95 खाली कमर्शियल सिलेंडर पाए गए। इतनी बड़ी मात्रा में सिलेंडरों का अवैध भंडारण सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बिना सुरक्षा मानकों के इस तरह गैस सिलेंडर रखना बड़े हादसे को न्योता दे सकता था।

बिना लाइसेंस चल रही थी ‘गुंजन गैस एजेंसी’

जांच में सामने आया कि “गुंजन गैस एजेंसी” नाम से यह अवैध कारोबार चलाया जा रहा था। संचालक ने दावा किया कि वह एक निजी कंपनी से जुड़ा हुआ है, लेकिन मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया।

अधिकारियों ने पाया कि एजेंसी के पास न तो अधिकृत गोदाम था और न ही आवश्यक सरकारी अनुमति। पूरा संचालन घर और तबेले से ही किया जा रहा था, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।

PESO लाइसेंस और जरूरी दस्तावेज नहीं मिले

जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि एजेंसी के पास Petroleum and Explosives Safety Organization (PESO) का लाइसेंस नहीं था। यह लाइसेंस गैस सिलेंडर के भंडारण और वितरण के लिए अनिवार्य होता है।

इसके अलावा, संचालक के पास “लेटर ऑफ इंडेंट” जैसे जरूरी दस्तावेज भी नहीं मिले। यह दस्तावेज गैस एजेंसी संचालन की वैधता साबित करने के लिए जरूरी होता है।

अधिकारियों की टीम ने की बड़ी कार्रवाई

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व जिला रसद अधिकारी (DSO) शशिशेखर शर्मा ने किया। उनके साथ प्रवर्तन अधिकारी और निरीक्षक भी मौजूद रहे। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी सिलेंडर जब्त कर लिए।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एलपीजी से जुड़े मामलों में सरकार की गाइडलाइंस बेहद सख्त हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सुरक्षा के लिहाज से बड़ा खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से भैंसों के तबेले में गैस सिलेंडर रखे गए थे, वह बेहद खतरनाक स्थिति थी। जरा सी चिंगारी या लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता था, जिससे आसपास के लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी।

इस तरह के अवैध भंडारण न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

आगे की कार्रवाई जारी

फिलहाल इस मामले को जिला कलेक्टर न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या कहता है कानून?

भारत में एलपीजी सिलेंडर के भंडारण और वितरण के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। बिना लाइसेंस गैस एजेंसी चलाना और बड़ी मात्रा में सिलेंडर रखना गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में भारी जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है।

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