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President protocol controversy: राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद | ममता सरकार पर पीएम मोदी का हमला, बोले– ‘ऐसा पहले कभी नहीं हुआ’

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ममता बनर्जी सरकार पर राष्ट्रपति प्रोटोकॉल का पालन न करने और उनके पद का अपमान करने का आरोप लगाया है।

President protocol controversy: पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया बंगाल दौरे के दौरान प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले को “शर्मनाक” बताते हुए ममता बनर्जी सरकार की कड़ी आलोचना की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर होता है और इस पद की गरिमा तथा पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए।

पीएम मोदी ने जताई नाराज़गी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र और आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति को इस घटना से निराशा हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं आदिवासी समुदाय से आती हैं और उन्होंने जो पीड़ा व्यक्त की है, उससे देश के लोगों को गहरा दुख हुआ है।

प्रधानमंत्री के अनुसार, पश्चिम बंगाल की सरकार इस मामले में पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार और टीएमसी नेतृत्व भविष्य में संवैधानिक पदों के सम्मान को लेकर अधिक संवेदनशीलता दिखाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी उठाए सवाल

इस विवाद पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी ममता बनर्जी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के बयान से साफ झलकता है कि वह इस स्थिति से आहत हैं।

सीतारमण ने कहा कि किसी भी राज्य में राष्ट्रपति के दौरे के दौरान सभी प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होता है। कार्यक्रम की जानकारी, व्यवस्था और स्वागत से जुड़े सभी विवरण पहले से उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

उनके मुताबिक, यह मामला केवल एक कार्यक्रम का नहीं बल्कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के सम्मान का है।

क्या है पूरा विवाद

दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर थीं। इस दौरान उन्होंने सिलीगुड़ी के पास बिधाननगर में आदिवासी समुदाय के एक कार्यक्रम को संबोधित किया।

अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें आश्चर्य हुआ कि उत्तर बंगाल के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या राज्य सरकार का कोई मंत्री उन्हें रिसीव करने नहीं आया। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपनी “छोटी बहन” बताते हुए यह भी कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या मुख्यमंत्री किसी बात से नाराज़ हैं।

राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मूल रूप से कार्यक्रम बिधाननगर में होना था, जहां अधिक जगह और बेहतर सुविधाएं थीं, लेकिन बाद में इसे गोशाईपुर स्थानांतरित कर दिया गया।

राष्ट्रपति के अनुसार, नए स्थान पर लोगों के लिए पहुंचना मुश्किल था, जिससे कार्यक्रम में शामिल होने वाले कई लोगों को परेशानी हुई।

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TMC और BJP के बीच बढ़ी सियासी तकरार

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में माहौल गरमा गया है। भाजपा नेताओं ने इसे राष्ट्रपति का अपमान बताते हुए राज्य सरकार पर हमला बोला है। वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में केंद्र और राज्य के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है, खासकर तब जब मामला देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद से जुड़ा हो।

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