Amazon से Oracle तक छंटनी का दौर: क्या AI ही है नौकरियां जाने की असली वजह?
टेक इंडस्ट्री में 2026 की शुरुआत बड़े पैमाने पर छंटनियों से हुई है। अमेजन, ओरेकल और पिंटरेस्ट जैसी कंपनियां AI को वजह बता रही हैं, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि असली कारण कोविड के बाद हुई ओवरहायरिंग, लागत कटौती और निवेशकों का दबाव है।
Tech Layoffs and AI: टेक सेक्टर में 2026 की शुरुआत क्यों बन गई कर्मचारियों के लिए सबसे मुश्किल दौर?
Tech Layoffs and AI । नया साल 2026 टेक इंडस्ट्री के कर्मचारियों के लिए राहत नहीं, बल्कि नई चुनौतियां लेकर आया है। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में छंटनी (Layoffs) का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। Amazon, Oracle, Pinterest, Expedia, Dow जैसी बड़ी कंपनियां हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी हैं। इन छंटनियों के पीछे सबसे बड़ा कारण अक्सर Artificial Intelligence (AI) को बताया जा रहा है, लेकिन सवाल यह है—
क्या AI ही अकेली वजह है, या इसके पीछे कंपनियों की पुरानी रणनीतिक गलतियां और लागत कटौती का दबाव भी छिपा है?
कितनी बड़ी है छंटनी की लहर?
- Amazon ने हाल ही में 16,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया
- अक्टूबर 2025 में 14,000 नौकरियां पहले ही जा चुकी थीं
- कुल मिलाकर अब तक 30,000 से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित
वहीं, Oracle में भी 20,000 से 30,000 नौकरियों में कटौती की अटकलें हैं।
Pinterest, Expedia, और Dow जैसी कंपनियों ने भी हजारों कर्मचारियों को निकाला है।
कंपनियों का दावा: AI से बढ़ेगी दक्षता
कई कंपनियों का कहना है कि वे AI और ऑटोमेशन पर फोकस बढ़ा रही हैं, जिससे पारंपरिक भूमिकाओं की जरूरत कम हो रही है।
- Pinterest ने अपनी वर्कफोर्स का करीब 15% घटाया और साफ कहा कि संसाधन अब AI-केंद्रित प्रोजेक्ट्स में लगाए जाएंगे
- Dow ने अपनी 4,500 छंटनियों को सीधे तौर पर AI और ऑटोमेशन से जोड़ा
- Amazon के CEO एंडी जैसी पहले ही कह चुके हैं कि AI से दक्षता बढ़ेगी और भविष्य में कम लोगों की जरूरत पड़ेगी
लेकिन यहीं कहानी थोड़ी उलझ जाती है।
विरोधाभास: AI अपनाने के बावजूद AI एक्सपर्ट्स की छंटनी
Expedia जैसी कंपनियों ने AI को कारण बताया, लेकिन जिन लोगों की नौकरी गई, उनमें मशीन लर्निंग साइंटिस्ट और AI एक्सपर्ट्स भी शामिल थे।
यह सवाल खड़ा करता है—
अगर AI भविष्य है, तो फिर AI बनाने वाले ही क्यों निकाले जा रहे हैं?
Also Read: Budget 2026 Highlights: AI से खेती, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, हाई-स्पीड ट्रेनें और 12.2 लाख करोड़ का कैपेक्स
पूर्व कर्मचारियों और विशेषज्ञों की राय
हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट (AP के हवाले से) के मुताबिक,
Amazon की AI Enablement Team के पूर्व प्रमुख एन ली प्लमब—जिन्हें हाल ही में निकाला गया—कहते हैं कि उनकी छंटनी AI की वजह से नहीं हुई।
उनका दावा है कि वे Amazon के AI कोडिंग टूल्स के टॉप यूजर्स में थे।
प्लमब के मुताबिक—
“AI को एक ‘वैल्यू क्रिएशन स्टोरी’ की तरह पेश किया जा रहा है, ताकि निवेशकों को आकर्षित किया जा सके और शेयर प्राइस को सपोर्ट मिले।”
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर करन गिरोत्रा का मानना है कि
- AI का असर अभी सीमित स्तर पर है
- यह कर्मचारियों का समय बचाता है, लेकिन पूरे संगठन की संरचना बदलने में वक्त लगता है
वहीं, Goldman Sachs की रिपोर्ट कहती है कि
- AI का कुल लेबर मार्केट पर प्रभाव अभी कम है
- हालांकि मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइन, कस्टमर सर्विस और टेक जैसी भूमिकाएं ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं
असली वजह: AI नहीं, बल्कि पुरानी गलतियां?
विशेषज्ञ मानते हैं कि छंटनी के पीछे कई कारण हैं—
- कोविड के दौरान अत्यधिक भर्ती
- बढ़ती लागत और गिरता मुनाफा
- शेयरधारकों का दबाव
- संगठनात्मक ढांचे को “लीन” बनाने की कोशिश
Amazon के मामले में Amazon Go और Fresh स्टोर्स बंद होने से हजारों रिटेल जॉब्स भी खत्म हुईं, जिनका AI से सीधा संबंध नहीं था।
आगे क्या?
कई विशेषज्ञ मानते हैं कि AI का असली असर आने वाले वर्षों में दिखेगा, जब इसे बड़े पैमाने पर अपनाया जाएगा।
फिलहाल, 2026 टेक वर्कर्स के लिए चुनौतीपूर्ण साल बना हुआ है—
जहां AI अवसर भी ला रहा है, लेकिन बदलाव तेज, अस्थिर और कठिन हैं।
Also Read:




