हामिद अंसारी का बयान बना सियासी घमासान: महमूद गजनवी को ‘भारतीय’ बताने पर भाजपा का तीखा हमला, राहुल गांधी से जवाब की मांग
Hamid Ansari Mahmud Ghazni Controversy: पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। महमूद गजनवी को ‘भारतीय लुटेरा’ बताए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस और उसका पूरा ईकोसिस्टम विदेशी आक्रमणकारियों को महिमामंडित करने और भारत के इतिहास को विकृत करने की कोशिश कर रहा है।
इस पूरे मामले में भाजपा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी सीधे तौर पर सवाल किए हैं और अंसारी के बयान पर उनका रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
क्या कहा था हामिद अंसारी ने?
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एक साक्षात्कार में कहा था कि इतिहास की किताबों में महमूद गजनवी जैसे शासकों को विदेशी लुटेरा बताया गया है, जबकि वे असल में “भारतीय लुटेरे” थे। अंसारी के मुताबिक, यह कहना राजनीतिक रूप से आसान है कि उन्होंने बाहर से आकर भारत को लूटा, लेकिन वास्तविकता यह है कि वे इसी भूभाग से जुड़े थे और उन्हें भारतीय संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
उनके इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया।
भाजपा का आरोप: इतिहास को तोड़-मरोड़ने की कोशिश
भाजपा ने अंसारी के बयान को भारत के ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ बताया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस लंबे समय से विदेशी हमलावरों और हिंदू मंदिरों को नष्ट करने वाले आक्रांताओं को सही ठहराने का प्रयास करती रही है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि यह बयान हिंदू विरोधी मानसिकता को दर्शाता है और भारत की सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है।
सुधांशु त्रिवेदी का तीखा बयान
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विदेशी हमलावरों के प्रति हामिद अंसारी का यह नजरिया उनकी “बीमार मानसिकता” को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह सोच तीन ‘एम’— मुगल, मैकाले और मार्क्सवादी इतिहास लेखन — का नतीजा है, जिसने भारत के इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत किया।
त्रिवेदी ने कहा कि जैसे ब्रिटिश वायसराय ब्रिटेन के राजा या रानी के प्रतिनिधि थे, वैसे ही मुगल शासक बगदाद के खलीफा के प्रतिनिधि के रूप में शासन करते थे। ऐसे में उन्हें भारतीय बताना ऐतिहासिक तथ्यों के साथ अन्याय है।
राहुल गांधी से सवाल, कांग्रेस पर दबाव
भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व से पूछा है कि क्या राहुल गांधी हामिद अंसारी के विचारों से सहमत हैं। पार्टी का सवाल है कि क्या कांग्रेस उन लोगों का समर्थन करती है जिन्होंने हिंदू मंदिरों को तोड़ा और हजारों निर्दोष लोगों की हत्या की।
भाजपा का कहना है कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह इतिहास के साथ किस तरह खड़ी है।
सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अंसारी के बयान का वीडियो साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस ईकोसिस्टम लगातार ऐसे लोगों को सही ठहराने में लगा है जिन्होंने भारत और हिंदुओं पर अत्याचार किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोमनाथ मंदिर को नष्ट करने वाले महमूद गजनवी की तारीफ करना राष्ट्रीय स्वाभिमान के खिलाफ है।
अन्य भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा नेता सी.आर. केसवन ने कहा कि आठवीं सदी से लेकर मुगल शासन तक हिंदू धार्मिक स्थलों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस अब इन ऐतिहासिक अत्याचारों को सामान्य साबित करना चाहती है।
वहीं प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस को “आधुनिक इंडियन मुस्लिम लीग” बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी बाबर और औरंगजेब जैसे शासकों का महिमामंडन करती रही है।
राजनीतिक बहस और ऐतिहासिक विमर्श
हामिद अंसारी का बयान ऐसे समय में आया है जब देश में इतिहास, संस्कृति और पहचान को लेकर बहस तेज है। भाजपा जहां इसे भारतीय विरासत पर हमला मान रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और गरमा सकता है।




