Prayagraj: छह घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से बाहर निकला एयरफोर्स का माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, रस्सियों से खींचकर हुआ रेस्क्यू
Prayagraj aircraft rescue। प्रयागराज में तालाब में फंसे एयरफोर्स के दो सीटों वाले माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट को आखिरकार सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन में एसडीआरएफ, पुलिस और भारतीय वायुसेना के जवानों को करीब छह घंटे तक कड़ा संघर्ष करना पड़ा। रस्सियों के सहारे एयरक्राफ्ट को जलकुंभी, कीचड़ और पानी के बीच से लगभग 100 मीटर तक खींचकर तालाब के किनारे लाया गया।
इस दौरान रेस्क्यू टीम को भारी फिसलन, गहरे कीचड़ और घनी जलकुंभी के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके, सभी एजेंसियों के समन्वित प्रयास से अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
तालाब के बीच फंसा था दो सीटों वाला माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट

जानकारी के अनुसार, एयरफोर्स का यह माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट तकनीकी कारणों से तालाब में उतर गया था। घटना के बाद से ही एयरक्राफ्ट को सुरक्षित बाहर निकालना प्रशासन और वायुसेना के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। तालाब की गहराई और आसपास फैली जलकुंभी के कारण सामान्य क्रेन या मशीनरी का इस्तेमाल संभव नहीं हो पा रहा था।
स्थिति को देखते हुए मैनुअल रेस्क्यू का फैसला लिया गया, जिसमें रस्सियों और मानव श्रम के जरिए एयरक्राफ्ट को खींचने की योजना बनाई गई।
एसडीआरएफ, पुलिस और एयरफोर्स ने मिलकर चलाया रेस्क्यू
रेस्क्यू ऑपरेशन (Prayagraj aircraft rescue) में एसडीआरएफ की टीम ने तालाब के भीतर उतरकर एयरक्राफ्ट को रस्सियों से बांधा। वहीं, किनारे मौजूद पुलिस और एयरफोर्स के जवानों ने सामूहिक प्रयास से उसे बाहर की ओर खींचना शुरू किया।
कीचड़ में धंसने और बार-बार रस्सियां ढीली होने के कारण अभियान कई बार बाधित हुआ, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी।
करीब छह घंटे की अथक मेहनत के बाद एयरक्राफ्ट को धीरे-धीरे तालाब के किनारे तक लाया जा सका।
अब अलग-अलग हिस्सों में ले जाया जाएगा एयरफोर्स स्टेशन
तालाब से बाहर निकालने के बाद अगली चुनौती एयरक्राफ्ट को एयरफोर्स स्टेशन तक पहुंचाने की है। अधिकारियों के मुताबिक, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट को फिलहाल वहीं अलग-अलग हिस्सों में डिसमेंटल किया जाएगा।
इसके बाद ट्रकों के माध्यम से सभी पार्ट्स को एयरफोर्स स्टेशन ले जाया जाएगा, जहां तकनीकी टीम इसे दोबारा असेंबल करेगी।
यह प्रक्रिया पूरी सावधानी और तकनीकी निगरानी में की जाएगी, ताकि एयरक्राफ्ट को किसी प्रकार का अतिरिक्त नुकसान न पहुंचे।
रेस्क्यू ऑपरेशन बना मिसाल
स्थानीय प्रशासन और वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन (Prayagraj aircraft rescue) चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद एक बेहतरीन टीमवर्क का उदाहरण है।
एसडीआरएफ, पुलिस और एयरफोर्स के बीच तालमेल की वजह से ही इतना जटिल अभियान सफल हो सका।
अधिकारियों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और एयरक्राफ्ट को भी सुरक्षित निकाल लिया गया, जो इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता है।




