Uttar Pradesh: अब बदलने वाली है यूपी की वोटर लिस्ट! चुनाव से पहले शुरू हो रहा है बड़ा अभियान

Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव से पहले SIR पुनरीक्षण की तैयारी

उत्तर प्रदेश में आगामी विधान परिषद चुनाव 2026 से पहले चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराने की घोषणा की है। यह प्रक्रिया 30 सितंबर 2025 से शुरू होकर 30 दिसंबर 2025 तक चलेगी।

कब से कब तक चलेगा SIR पुनरीक्षण?

  • प्रारंभ तिथि: 30 सितंबर 2025
  • अंतिम प्रकाशन: 30 दिसंबर 2025
  • अर्हता तिथि: 1 नवंबर 2025

क्यों हो रहा है SIR पुनरीक्षण?

SIR (Special Intensive Revision) का उद्देश्य है:

  • सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ना
  • अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाना
  • पारदर्शिता बनाए रखना
  • निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना

किन क्षेत्रों में होंगे चुनाव?

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र:

  • लखनऊ
  • वाराणसी
  • आगरा
  • मेरठ
  • इलाहाबाद-झांसी

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र:

  • लखनऊ
  • वाराणसी
  • आगरा
  • मेरठ
  • बरेली-मुरादाबाद
  • गोरखपुर-फैजाबाद

वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की शर्तें

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र:

  • आवेदक 1 नवंबर 2025 से कम से कम 3 वर्ष पूर्व स्नातक होना चाहिए
  • भारत के किसी विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष अर्हता आवश्यक

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र:

  • आवेदन तिथि से पूर्व 6 वर्षों में कम से कम 3 वर्ष तक शिक्षण कार्य किया हो
  • शिक्षण संस्थान का स्तर माध्यमिक विद्यालय या उससे ऊपर होना चाहिए

कौन होंगे चुनाव अधिकारी?

  • मंडलायुक्त: मुख्य निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO)
  • जिलाधिकारी: सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO)
  • विधानसभा क्षेत्रों के EROs: संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सहायक AERO के रूप में कार्यरत

SIR क्या है? क्यों जरूरी है?

SIR (Special Intensive Revision) एक विशेष प्रक्रिया है जो चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की शुद्धता और अद्यतनता सुनिश्चित करने के लिए की जाती है। इसमें:

  • नए योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाता है
  • मृत, स्थानांतरित या अपात्र लोगों को सूची से हटाया जाता है
  • मतदाता सूची को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाता है

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 11 स्नातक और शिक्षक सीटों के चुनाव 2026 से पहले, SIR पुनरीक्षण एक अहम कदम है। योग्य मतदाता 30 सितंबर से पहले अपनी पात्रता की जांच कर नाम जुड़वाने की प्रक्रिया में शामिल हों, ताकि लोकतंत्र के इस पर्व में भाग ले सकें।

Related Posts

  • 8 views
Vijay Astrologer Controversy: तमिलनाडु में ‘ज्योतिष राजनीति’ पर घमासान, विजय सरकार की नियुक्ति से सहयोगी दल नाराज

Vijay Astrologer Controversy: तमिलनाडु की राजनीति में एक नई बहस ने जोर पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार द्वारा एक ज्योतिषी को राजनीतिक सलाहकार के रूप में नियुक्त…

  • 11 views
West Bengal Election BJP Victory: बंगाल में बदली सत्ता की तस्वीर, बीजेपी की ऐतिहासिक जीत से नई राजनीति की शुरुआत, सुवेंदु अधिकारी ने दीदी को हराया

West Bengal Election BJP Victory: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटों पर जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *