राजस्थान में सहकार से समृद्धि की राह! नया को-ऑपरेटिव कोड लाएगा पारदर्शिता और जवाबदेही

Rajasthan New Cooperative Code: सहकार से समृद्धि की दिशा में राजस्थान सरकार का बड़ा कदम: नया को-ऑपरेटिव कोड बनाएगा सहकारिता को और सशक्त

Rajasthan News : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार करने में देश के अग्रणी राज्यों में है। राज्य सरकार सहकारी समितियों को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित नवीन को-ऑपरेटिव अधिनियम (Cooperative Code) से सहकारिता आंदोलन और अधिक समावेशी, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा।

नवीन को-ऑपरेटिव कोड से सहकारिता आंदोलन होगा और समावेशी

मुख्यमंत्री ने मंगलवार दोपहर मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में कहा कि यह नया कोड आमजन के हित में सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बनाएगा।
राजस्थान सरकार ने इसमें महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और केरल के सहकारी कानूनों के प्रभावी प्रावधानों को शामिल किया है।

उन्होंने कहा कि इन बदलावों से सहकारी समितियों को अधिक स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक प्रबंधन और पारदर्शिता मिलेगी।

सतत विकास में सहकारी समितियों की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा,

“सतत विकास में सहकारी समितियों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है। हमारा उद्देश्य है कि सहकारिता सभी के लिए सुलभ हो, ताकि हर व्यक्ति को सशक्त होने का अवसर मिले।”

उन्होंने बताया कि नए कोड के तहत सहकारी समितियां अपने क्षेत्र के बाहर भी दुकानें या आउटलेट खोलकर सीधे उत्पाद बेच सकेंगी।
इसके अलावा, सभी समितियों को अपनी ऑडिट रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी ताकि आमजन को समय पर जानकारी मिल सके।

बैठक में हुई विस्तृत चर्चा और सुझाव

बैठक में नए को-ऑपरेटिव कोड से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं —

  • सहकारी सोसायटियों की परिभाषा को स्पष्ट करना
  • पंजीयन और उपनियम संशोधन की समय-सीमा घटाना
  • पात्र व्यक्तियों की सदस्यता सुनिश्चित करना
  • समितियों में लोकतांत्रिक नेतृत्व को बढ़ावा देना
  • पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना

क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने भी कोड में संशोधन और सुधार के सुझाव दिए।

बैठक में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि

बैठक में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और कई सहकारी समितियों के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

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