मौसमी बीमारियों पर अलर्ट मोड में सरकार! चिकित्सा मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

✅ राज्य में मौसमी बीमारियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश (Effective management of seasonal diseases)

जयपुर, 22 जुलाई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा है कि मानसून के बाद मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इसलिए सभी जिलों में प्रभावी प्रबंधन और समय पर उपचार व्यवस्था (Effective management of seasonal diseases) सुनिश्चित की जाए।

मंत्री ने कहा कि संभाग और जिला स्तर पर सघन मॉनिटरिंग हो और किसी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जीवन रक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्व निभाएं।

📹 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेशभर के अधिकारियों को दिए निर्देश

चिकित्सा मंत्री स्वास्थ्य भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौसमी बीमारियों की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। इस बैठक में उन्होंने निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:

  • राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा
  • गैर संचारी रोग नियंत्रण (डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि)
  • यूडीआईडी कार्ड के लम्बित प्रकरण
  • जिला स्तर पर जांच एवं इलाज की तैयारियों का फीडबैक

🧪 हर जिले में जांच, दवा और बेड की व्यवस्था हो दुरुस्त

मंत्री खींवसर ने कहा कि जिन जिलों में मौसमी बीमारियों के केस ज्यादा हैं, वहां टीमों और संसाधनों को तत्काल बढ़ाया जाए। साथ ही, मौसमी बीमारियों से संबंधित दवाओं, किट्स और बेड की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार चलाया जाए, ताकि रोगों से बचाव संभव हो।

🫁 टीबी स्क्रीनिंग अभियान को मिले गति

चिकित्सा मंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा में कहा कि 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग कार्यक्रम को तय समय में पूरा किया जाए। अब तक 93.97 लाख लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है।

  • 40,815 लाभार्थियों को पोषण सहायता की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है
  • 39,094 मरीजों को पोषण किट भी वितरित की जा चुकी है
  • निक्षय पोर्टल पर नियमित डेटा एंट्री के निर्देश

📄 यूडीआईडी कार्ड के लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा करें

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यूडीआईडी कार्ड के सभी लंबित और नए आवेदनों का निस्तारण शीघ्रता से करें। साथ ही, नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज़ जैसे डायबिटीज और बीपी की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग पर भी जोर दिया।

🦟 हाई रिस्क ज़िलों में मच्छर जनित रोगों के लिए विशेष अभियान

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. अमित यादव ने निर्देश दिए कि हाई रिस्क जिलों में एंटी-लार्वा और मच्छर रोधी गतिविधियों को तेज किया जाए।

रामदेवरा मेला को ध्यान में रखते हुए जोधपुर, जैसलमेर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त चिकित्सा इंतज़ाम किए जाएं।

📊 मौजूदा स्थिति नियंत्रण में, कोई मौत नहीं

निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर ने बताया कि अधिकांश जिलों में मौसमी बीमारियों की स्थिति नियंत्रण में है। इस वर्ष अब तक मलेरिया और डेंगू से कोई मृत्यु नहीं हुई है।

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🏥 दवाओं की सप्लाई बनी रहे – प्रमुख शासन सचिव

श्रीमती गायत्री राठौड़, प्रमुख शासन सचिव, ने निर्देश दिए कि जिला अस्पताल से लेकर सब-सेन्टर तक दवाओं की कोई कमी न रहे। जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर दवाओं की खरीदी की जाए।

🙋‍♂️ बैठक में कौन-कौन रहे शामिल?

बैठक में वरिष्ठ अधिकारी जैसे:

  • डॉ. टी. शुभमंगला (अतिरिक्त मिशन निदेशक)
  • डॉ. मधु रतेश्वर (निदेशक, RCH)
  • मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य
  • सीएमएचओ और संयुक्त निदेशक उपस्थित रहे।

💬 आपके जिले में मौसमी बीमारियों की क्या स्थिति है? क्या जागरूकता अभियान चल रहे हैं? अपनी राय नीचे कमेंट में दें।

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