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हरियाणा के गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं! सरकार ने बनाया पूरा प्लान, ये विभाग संभालेगा कमान

🏘️ हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: अब गांवों में भी मिलेंगी शहर जैसी सुविधाएं (Urban facilities in Haryana villages)

चंडीगढ़, 26 जुलाई 2025 – हरियाणा सरकार ने गांवों के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए घोषणा की है कि अब ग्रामीण इलाकों में भी शहरों जैसी सुविधाएं (Urban facilities in Haryana villages) उपलब्ध कराई जाएंगी। पहले चरण में 21 महाग्रामों को चिन्हित किया गया है, जहां नियोजित और समावेशी विकास किया जाएगा।

🏗️ यह विभाग देखेगा गांवों का शहरी विकास

इस योजना की जिम्मेदारी नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग को सौंपी गई है। यह विभाग अब ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वच्छता और भवनों जैसी बुनियादी सुविधाओं की योजना तैयार करेगा और उन्हें लागू करेगा।

💡 पंचायतों को मिलेगा आत्मनिर्भरता का रास्ता

सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके वित्तीय संसाधन बढ़ाने और नवाचार अपनाने पर भी काम कर रही है।
अब तक 224 पंचायतों की कच्ची फिरनियों को पक्का किया जा चुका है और मार्च 2026 तक शेष गांवों में भी यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

👩‍🦰 महिलाओं के लिए चौपाल, अधूरे भवन होंगे उपयोग में

हर गांव में महिलाओं के लिए विशेष चौपाल बनाने का निर्णय लिया गया है। पहले चरण में 754 गांवों में महिला चौपाल बनाई जाएंगी।
साथ ही, 600 से अधिक अधूरे भवनों को पूरा कर उन्हें पुनः उपयोग में लाया जाएगा।

🏡 ग्रामीण बस्तियों को मिलेगी आवास योजना की सौगात

जिन लोगों को महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत प्लॉट का कब्जा नहीं मिला था, उन्हें अब मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 100 वर्ग गज तक के प्लॉट दिए जाएंगे।
सभी कालोनियों में सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

📚 युवाओं के लिए ई-लाइब्रेरी और इंडोर जिम

ग्रामीण युवाओं को तकनीक और फिटनेस से जोड़ने के लिए सरकार अब तक 891 ई-लाइब्रेरी और 250 इंडोर जिम स्थापित कर चुकी है। इन्हें आगे और बढ़ाया जाएगा।

♻️ गांवों में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता में सुधार

सरकार का लक्ष्य है कि सभी गांवों को मॉडल ग्राम बनाया जाए। इसके लिए:

  • ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन
  • स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच से मुक्ति
  • गांव-गांव से घर-घर कचरा उठाने की योजना

लागू की जा रही है।

🚛 हापर-टिपर डंपर और स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार, 10,000+ जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों और महाग्रामों के लिए हापर टिपर डंपर खरीदे जा रहे हैं।
स्वयं सहायता समूहों को कचरा संग्रहण की जिम्मेदारी दी जाएगी और उन्हें गांव की जनसंख्या के अनुसार मासिक मेहनताना भी दिया जाएगा।

हरियाणा सरकार का यह कदम न केवल ग्रामीण विकास की दिशा में एक मील का पत्थर है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर, सशक्त और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक ठोस पहल भी है।
अब गांव भी बनेंगे स्मार्ट — बिल्कुल शहरों की तरह!

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