Constitution Murder Day: रोहतक। देश में लागू किए गए आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के अवसर पर हरियाणा में लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों को लेकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। 25 जून को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के टैगोर सभागार में आयोजित होने वाला यह प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों और उनके परिवारों को समर्पित रहेगा।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य आपातकाल के दौरान हुए घटनाक्रमों को याद करना और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को सम्मान देना है।
लोकतंत्र सेनानियों को मिलेगा विशेष सम्मान
रोहतक में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के 11 जिलों से जुड़े लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। भाजपा नेताओं का मानना है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों का सम्मान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।
आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर सबसे बड़ा संकट
रोहतक स्थित सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की ऐसी तारीख है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि उस दौर में नागरिक अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए थे।
धनखड़ ने कहा कि आपातकाल केवल राजनीतिक विरोधियों को दबाने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना पर भी सीधा प्रहार था। उन्होंने कहा कि उस समय हजारों लोगों को जेल भेजा गया और प्रेस पर सख्त सेंसरशिप लागू की गई।
रोहतक का ऐतिहासिक संबंध बना आयोजन का आधार
इस कार्यक्रम के लिए रोहतक का चयन भी विशेष महत्व रखता है। आपातकाल के दौरान देश के कई प्रमुख विपक्षी नेता रोहतक जेल में बंद रहे थे। यही कारण है कि लोकतंत्र के संघर्ष और बलिदान की स्मृतियों को जीवित रखने के लिए रोहतक को इस आयोजन का केंद्र बनाया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रोहतक में इस तरह का आयोजन इतिहास और वर्तमान के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास है, जिससे युवा पीढ़ी लोकतांत्रिक संघर्षों की वास्तविक कहानी को समझ सके।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की कोशिश
राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने कहा कि लोकतंत्र किसी भी समाज को सहज रूप से प्राप्त नहीं होता। इसके लिए अनेक लोगों ने संघर्ष किया और कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह समझना चाहिए कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अतीत में किस प्रकार के बलिदान दिए गए थे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के अनुभव और संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं और ऐसे आयोजन लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत होंगे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं भाजपा हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ और राज्यसभा सांसद संजय भाटिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
प्रदेशभर में होंगे विशेष आयोजन
रोहतक के अलावा पंचकूला, फरीदाबाद और हरियाणा के अन्य जिलों में भी संविधान हत्या दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में लोकतंत्र सेनानियों तथा उनके परिवारों को सम्मानित करने के साथ-साथ आपातकाल के ऐतिहासिक घटनाक्रमों पर चर्चा की जाएगी।
भाजपा नेताओं ने बुद्धिजीवियों, युवाओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से कार्यक्रम में भाग लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया है।
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