Rajasthan Traffic Crackdown: जयपुर। राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया है। राज्यभर में यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले 20 दिनों के दौरान पुलिस ने 1.58 लाख से अधिक वाहनों के चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़क सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राजस्थान पुलिस द्वारा 4 जून से 23 जून 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान में उन उल्लंघनों को प्राथमिकता से निशाना बनाया गया, जो सड़क दुर्घटनाओं और यातायात अव्यवस्था का कारण बनते हैं। इनमें ब्लैक फिल्म, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, अनाधिकृत हूटर, लाल-नीली बत्ती और वाहनों में अवैध संशोधन प्रमुख रूप से शामिल रहे।
ब्लैक फिल्म और फैंसी नंबर प्लेट सबसे ज्यादा निशाने पर
अभियान के आंकड़े बताते हैं कि सबसे अधिक कार्रवाई ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ हुई। 20 दिनों में 58,965 वाहनों पर कार्रवाई दर्ज की गई। इसके अलावा 40,367 वाहनों पर नियमों के विपरीत नंबर प्लेट लगाने के मामले सामने आए।
वहीं, 22,269 वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह और लेखन पाए गए। इसके साथ ही 16,190 वाहनों में अवैध बॉडी या चेसिस परिवर्तन मिलने पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने 12,224 मामलों में अनधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर और हूटर हटवाए। दूसरी ओर 8,502 वाहनों पर प्रेशर और एयर हॉर्न के उपयोग को लेकर चालान किए गए।
एक दिन में 7,416 चालान, अभियान की रफ्तार बरकरार
विशेष अभियान के अंतिम चरण में भी पुलिस की कार्रवाई तेज रही। केवल 23 जून को पूरे प्रदेश में 7,416 मामलों में चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की गई।
इस दिन 2,617 वाहनों पर ब्लैक फिल्म के कारण कार्रवाई हुई। इसके अलावा 1,743 मामलों में नियम विरुद्ध नंबर प्लेट पकड़ी गई। वहीं, 1,032 वाहनों पर अनधिकृत शब्द और चिन्ह पाए गए। साथ ही 987 वाहनों में अवैध संरचनात्मक बदलाव दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त 680 मामलों में लाल-नीली बत्ती और हूटर हटाए गए, जबकि 357 प्रेशर हॉर्न जब्त किए गए।
जालोर और अजमेर ने चौंकाया, जयपुर भी पीछे नहीं
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो जालोर जिला 829 कार्रवाइयों के साथ पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। इसके बाद अजमेर में 710 मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई।
राजधानी क्षेत्र में भी पुलिस का अभियान प्रभावी रहा। जयपुर कमिश्नरेट के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 807 वाहनों पर कार्रवाई की गई। इनमें जयपुर पश्चिम में सबसे अधिक 465 चालान किए गए। वहीं, जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में 306 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
इसके अलावा पाली जिले में 365 और बालोतरा में 328 वाहनों के चालान दर्ज किए गए। इससे स्पष्ट है कि अभियान केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छोटे और मध्यम जिलों में भी सख्ती दिखाई गई।
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सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस का स्पष्ट संदेश
यातायात अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल चालान काटने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करना है।
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार वाहन चलाएं। साथ ही वाहनों में ऐसे किसी भी बदलाव से बचें जो कानून के विरुद्ध हों। अधिकारियों के अनुसार सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी भी है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
राजस्थान पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी विशेष जांच अभियान जारी रहेगा। ऐसे में ब्लैक फिल्म, फैंसी नंबर प्लेट, अवैध हूटर और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर लगातार नजर रखी जाएगी। पुलिस का मानना है कि सख्त प्रवर्तन और जनजागरूकता के संयुक्त प्रयासों से ही सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।

